कर्नाटक के मेट्रो रेल कार्यक्रम में कन्नड़ भाषा का इस्तमाल ना करना पड़ा भारी,संस्कृति मंत्री ने बीएमआरसीएल की एमडी से मांगा जवाब

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बेंगलुरु| कर्नाटक के संस्कृति मंत्री वी सुनील कुमार ने 29 अगस्त को केंगेरी तक विस्तारित मेट्रो रेल सेवाओं के उद्घाटन के दौरान कन्नड़ भाषा की कथित अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए बैंगलोर मेट्रो रेल के प्रबंध निदेशक से स्पष्टीकरण मांगा है| आरोप है कि केंगेरी तक मेट्रो सेवाओं के शुभारंभ के दौरान किसी भी बोर्ड में कन्नड़ का इस्तेमाल नहीं किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप पुरी शामिल हुए| संस्कृति मंत्री वी सुनील कुमार ने इसे लेकर कहा कि सरकार ने केंगेरी में मेट्रो सेवाओं के शुभारंभ पर कन्नड़ की अवहेलना को गंभीरता से लिया है. हालांकि कन्नड़ को आधिकारिक भाषा के रूप में घोषित किया गया है, लेकिन अधिकारियों ने कन्नड़ के प्रति अनादर दिखाया, जिसे सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी| उन्होंने ये बयान एक वीडियो संदेश की मदद से जारी किया है|

बीएमआरसीएल के एमडी से मांगा जवाब

कार्यक्रम के दौरान कन्नड़ को नजरअंदाज किए जाने की मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कुमार ने कहा कि सरकार बीएमआरसीएल के प्रबंध निदेशक अंजुम परवेज को नोटिस जारी कर पूछ रही है कि कन्नड़ को क्यों नजरअंदाज किया गया| कुमार ने कहा कि सरकारी समारोह में कन्नड़ को नजरअंदाज करना अपराध है. उन्होंने बीएमआरसीएल के एमडी को तुरंत यह बताने का निर्देश दिया कि कन्नड़ की अनदेखी क्यों की गई. साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए| वहीँ विपक्ष के सुनील कुमार ने कहा कि यह कर्नाटक में एक नियम है कि सभी सरकारी आयोजनों में कन्नड़ का उपयोग आवश्यक है और सभी अधिकारियों को इसका पालन करना होगा. पूर्व सीएम और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने भी मेट्रो रेल कार्यक्रम के दौरान कन्नड़ की अनदेखी के लिए आयोजकों की निंदा की थी.

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