केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों का एफआरपी बढ़ाकर किया 290 रुपए प्रति क्विंटल, पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया फैसला

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नई दिल्ली| केंद्र सरकार द्वारा गन्ने का समर्थ मूल्य बढ़ने की घोषणा की है| पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 25 अगस्त को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में गन्ने का एफआरपी बढ़ाकर 290 रुपए प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया गया है| कैबिनेट ने चीनी सीजन 2021-22 के लिए गन्ना की एफआरपी यानि उचित और लाभकारी मूल्य को बढ़ाकर ₹290 प्रति क्विंटल कर दिया है| शुगर कारखानों के राष्ट्रीय फेडरेशन ने कहा है कि इस फैसले से उनके बैलेंस शीट पर कुछ असर पड़ेगा, लेकिन बाजार में चीनी की कीमतों पर इसका असर नहीं पड़ेगा| बैठक में गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य, यानी जिस रेट पर चीनी मिल्स किसानों से गन्ना खरीदते हैं, उसे नए चीनी सीजन 2021-22 के लिए 5 रूपया प्रति क्विंटल की रेट से बढ़ाने का फैसला किया गया| बता दें कि 2020-2021 में देश में गन्ना किसानों को कुल पेमेंट करीब 91,000 करोड़ रुपये की गयी थी| इस बढ़ोतरी के बाद अगले साल गन्ना किसानों को करीब एक लाख करोड़ रुपए तक पेमेंट मिलने की उम्मीद है| खाद्य मंत्री पियूष गोयल ने कहा, “इस निर्णय से 5 करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों के साथ-साथ चीनी मिलों और संबंधित सहायक गतिविधियों में कार्यरत 5 लाख श्रमिकों को लाभ होगा”. ये फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब उत्तर प्रदेश में चुनाव की सरगर्मियां तेज़ हो रही हैं. फिलहाल उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का चीनी मीलों के पास करीब 6399 करोड़ रूपया बकाया है| शुगर कारखानों की राष्ट्रीय फेडरेशन ने कहा कि इस फैसले से चीनी मीलों पर कुछ वित्तीय बोझ बढ़ेगा लेकिन इसका बाजार में चीनी की कीमतों पर असर नहीं पड़ेगा. प्रकाश नायकनवारे, एमडी, शुगर फैक्ट्रीज फेडरेशन ने मिडिया से कहा, “गन्ना का दाम ज्यादा देने से शुगर फैक्ट्री के बैलेंस शीट पर असर पड़ेगा लेकिन इंडस्ट्री इस कीमत को ग्रहण कर सकती है| इस फैसले से बाजार में चीनी की कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा|

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