छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूल के शिक्षक ने पहले पूछा की जन्माष्टमी पर किसने उपवास रखा और पूजा की, फिर हाथ उठाने वाले छात्रों को पीटा

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कोंडागाँव| छत्तीसगढ़ के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक द्वारा हिंदू धर्म के भगवान श्रीकृष्ण को लेकर अश्लील बातें की गई| साथ ही उपवास रखने वाले छात्रों । मामला कोंडागाँव जिले के बुंदापारा गाँव स्थित मिडिल स्कूल का है। मीडिया के अनुसार प्रारंभिक जाँच के बाद आरोपित शिक्षक चरण मरकम को निलंबित कर दिया गया है| रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि ​यह घटना 31 अगस्त 2021 की है। कक्षा सात और आठ के छात्रों की पिटाई को लेकर ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने शिकायत की थी। अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक ने छात्रों से पूछा था कि उनमें से किन किन ने व्रत रखा है और पूजा अर्चना की है। जिन छात्रों ने हॉं कहते हुए हाथ उठाया उनकी कथित तौर मरकम ने पिटाई की।

मिली जनकारी में कोंडागाँव के कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि गिरोला ग्राम पंचायत के सरकारी मिडिल स्कूल में तैनात शिक्षक चरण मरकम का निलंबन आदेश 1 सितंबर को उनके खिलाफ की गई शिकायत की प्रारंभिक जाँच के आधार पर जारी किया गया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत और स्थानीय ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि मरकम ने मंगलवार को जन्माष्टमी पर उपवास रखने के कुछ छात्रों की कथित तौर पर पिटाई की और भगवान कृष्ण के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी भी की।

मिली जानकारी के मुताबिक शिक्षक ने पहले बच्चों से पूछा किसने उपवास रखा है। जिस-जिस बच्चे ने उपवास रखा था उनकी पिटाई की। इसके अलावा क्लास में ही बच्चों को देवी-देवताओं के बारे में गलत और भ्रामक जानकारी दी गई। इसका वीडियो वायरल होने पर सवाल खड़े होने लगें हैं| सूत्रों के अनुसार, कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि ग्रामीणों ने अपने आरोपों की पुष्टि के लिए ऑडियो और वीडियो सबूत भी सौंपा। इसके बाद एक सरकारी अधिकारी को जाँच के लिए भेजा गया और उसकी रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि इस संबंध में एक रिपोर्ट मामले पर आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को भेज दी गई है। निलंबन आदेश में कहा गया है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना और समाज में नफरत फैलाना गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक मरकम का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के प्रावधानों के विपरीत है, इसलिए शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

वहीं कोंडागाँव के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि पुलिस ने अभी तक शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है। उन्होंने कहा, “हमें जिला प्रशासन से एक रिपोर्ट मिली है। अभी तक मामला दर्ज नहीं किया गया है। लेकिन रिपोर्ट का विश्लेषण करने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।”

राज्य में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने की आज आवश्यकता हैं। जहां राज्य में 115 तहसील सूखे के चपेट में हैं जिससे कई परिवार को निश्चित रूप से बच्चों की पढ़ाई में फीस के लिए पैसा देने में दिक्कत का सामना कर रहे होंगे| ऐसे शिक्षक जो अपने छात्रों को धर्म विरोधी शिक्षा और मान्यता निभाने पर पिटाई करना बिल्कुल ठीक नहीं है|

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