छत्तीसगढ़ में सीएम पद के ढाई-ढाई साल के मुद्दे पर राज्य कांग्रेस में छाया संकट, राज्य के सभी विधयाकों को दिल्ली तलब किया गया

NATIONAL STATE

नई दिल्‍ली| छत्‍तीसगढ़ राज्‍य कांग्रेस में सियासी मामला गर्म नज़र आ रहे, सीएम भूपेश बघेल की दिल्ली आवाजाही लगी हुई है| मामले का हल तलाशने के लिए विधायकों को दिल्‍ली बुलाया गया है| नेतृत्‍व को लेकर गहराए संकट के बीच राज्‍य के सभी कांग्रेस विधायकों को दिल्‍ली बुलाया गया है| विधायकों से 27 अगस्त को सुबह‍ दिल्‍ली पहुंचने को कहा गया है| गौरतलब है कि राज्‍य के सीएम भूपेश बघेल को उनके ही मंत्री टीएस सिंहदेव की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है| सीएम बघेल 27 अगस्त को कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे| इस हफ्ते राहुल के साथ यह उनकी दूसरी बैठक है| बघेल और सिंहदेव, दोनों ही इस सप्‍ताह राहुल गांधी से भेंट की थी| बघेल ने कहा था कि वे पार्टी के फैसले का पालन करेंगे| ऐसे में माना जा रहा है कि छत्‍तीसढ़ में नेतृत्‍व को लेकर कोई फैसला हो सकता है| छत्‍तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी पीएल पूनिया ने मीटिंग के बाद मिडिया से बातचीत में कहा था, ‘भूपेश बघेल ने इस बात पर सहमति जताई है कि जो भी फैसला हाईकमान लेगा, वे स्‍वीकार करेंगे| ‘पूनिया ने कहा था कि बघेल और सिंहदेव दोनों ने ही टॉप लीडरशिप के फैसले को लेकर (जो भी होगा) सहमति व्‍यक्‍त की है| कहा, ‘वर्तमान समय में बघेल सीएम के रोल में हैं. ‘इस बैठक के बाद से सिंहदेव छत्‍तीसगढ़ की वापसी नहीं हुई हैं| रिपोर्टरों द्वारा सीएम पद पर दावेदारी को लेकर पूछे जाने पर उन्‍होंने कहा, ‘नेतृत्‍व के मुद्दे पर हाईकमान जो भी फैसला लेगा, हम स्‍वीकार करेंगे|’ छत्तीसगढ़ में जबसे कोन्ग्रेस्स की सरकार बनी है तब से ही ढाई-ढाई साल के सीएम का मुद्दा छिड़ा हुआ है, इस साल जून में सीएम के तौर पे भूपेश बघेल को ढाई साल हो गए हैं| इसलिए सिंहदेव और उनके समर्थक पार्टी पर मुख्यमंत्री बदलने का दबाव बना रहे हैं| सिंहदेव के समर्थकों का कहना है कि ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री को लेकर सहमति बनी थी और ऐसे में अब सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए| सिंहदेव का दावा है कि उनसे वादा किया गया था कि बघेल के आधे कार्यकाल के बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाएगा| वहीं, सीएम बघेल के करीबी सूत्रों का कहना है कि ढाई-ढाई साल का मुख्यमंत्री बनाने जैसा कोई फॉर्मूला नहीं है| उन्होंने कहा कि इस समय सरकार को अस्थिर करना विनाशकारी हो सकता है| उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में दिसंबर, 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से मुख्यमत्री बघेल और सिंहदेव के बीच रिश्ते सहज नहीं रहे| पिछले दिनों बघेल गुट और सिंहदेव गुट के बीच मतभेद उस वक्त और बढ़ गया जब कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव पर आरोप लगाया था कि वह उनकी हत्या करवाकर मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं| बृहस्पति सिंह को मुख्यमंत्री बघेल का करीबी माना जाता है|

Leave a Reply