देश की सर्वोच्चय न्यायलय सुप्रीम कोर्ट में वह होने जा रहा जो इतिहास में नहीं हुआ, पिता और बेटी दोनों सीजेआई,

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में कई चीजें ऐसी होंगी, जो पहली बार होंगी। देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट में 31 अगस्त को सुबह 10.30 बजे न्यायपालिका का एक नया इतिहास रचा जाएगा। पहली कोर्ट में पहली बार एक साथ 9 जज शपथ लेंगे। इससे पहले इतनी संख्या में एक साथ जजों की नियुक्ति नहीं हुई है। पहली बार जज कोर्टरूम में नहीं बल्कि ऑडिटॉरियम में शपथ लेंगे। देश में महामारी को ध्यान में रखते हुए
यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा पहली बार सुप्रीम कोर्ट के जजों के शपथग्रहण का लाइव टेलीकास्ट होगा। वहीं, पहली बार सुप्रीम कोर्ट में एक साथ तीन महिला जज शपथ लेंगी. पहली बार सुप्रीम कोर्ट में चार महिला जज काम करेंगी। पहली बार ऐसा होगा कि जस्टिस बी वी नागरत्ना के शपथ लेते ही देश को 2027 में पहली महिला चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया मिलेगी। 31 अगस्त को शपथ लेते ही कर्नाटक हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट की जज बनते ही जस्टिस बी वी नागरत्ना एक साथ कई इतिहास रचेंगी।

  • वो वरिष्ठता के क्रम में 2027 में देश की पहली महिला CJI बनेंगी
  • हालांकि, उनका कार्यकाल महज 36 दिनों का रहेगा
  • इसके साथ ही ये पहली बार होगा कि पिता-पुत्री सुप्रीम कोर्ट के जज बनेंगे

साथ ही न्यायपालिका के इतिहास में ये भी पहली बार होगा कि पिता और पुत्री सीजेआई बने हों। जस्टिस नागरत्ना के पिता जस्टिस ई एस वेंकेटरमैया पहले डीजेआई रह चुके हैं। वो कर्नाटक में बार से प्रमोटेड होने वाली प्रथम महिला हैं। कर्नाटक में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाली महिला न्यायाधीश है। कर्नाटक की प्रथम महिला हैं जो सुप्रीम कोर्ट पहुंची हैं।

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