धर्मांतरण के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ में भाजपा बनाएगी प्रदेश सरकार को घेरने की रणनीति, कोर ग्रुप की मीटिंग कल, होगी बड़े आंदोलन की तैयारी

CHATTISGARH NATIONAL POLITICAL

रायपुर| केंद्रीय कोयला व खनन मंत्री प्रल्हाद जोशी की बेटी के विवाह समारोह के बहाने दिल्ली में जुटे छत्तीसगढ़ भाजपा के दिग्गज रायपुर लौट आए हैं। अब पार्टी सत्ता की जंग का मैदान साधने की योजनाओं को नए सिरे से मांजने की कोशिश में है। बताया जा रहा है, धर्मांतरण के मुद्दे पर शुरू हुए आंदोलन को आगे तक ले जाने की तैयारी हैं| इसके लिए कल प्रदेश भाजपा कार्यालय में कोर कमेटी सहित विभिन्न स्तर के पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें नेताओं के बीच प्रमुखता से इस बात पर चर्चा होगी कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ कैसे आक्रामक हुआ जाए।

दिल्ली से लौटकर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा, यहां सरकार ही धर्मांतरण के पक्ष में है। सरकार का काम है इसके खिलाफ कार्रवाई करना। सरकार को विपक्ष के आरोपों की जांच करनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। कौशिक ने कहा, सुकमा एसपी ने धर्मांतरण को लेकर जो पत्र लिखा था, उसकी भी जांच नहीं हुई है। अगर उसमे तथ्य सही है उस मामले में अभी तक कार्रवाई क्यो नहीं हुई। बताया जा रहा है कि भाजपा ने इस मामले में अगली कार्ययोजना बनाने के लिए ही कल बैठक बुलाई है। यह बैठक प्रदेश भाजपा मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सुबह 10.30 बजे से शुरू होगी। इस बैठक में सरकार के खिलाफ दूसरे क्षेत्र में पनप रहे असंतोष को भी चिन्हित करने की योजना है। बताया जा रहा है, इसमें शराबबंदी का मुद्दा भी शामिल हो सकता है। हाथियों से हो रहे नुकसान और सूखे की आशंका से उपजे तनाव को भी मुद्दा बनाने की कोशिश होगी।

कोर ग्रुप बैठक

कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सबसे पहले भाजपा कोर ग्रुप की बैठक होगी। उसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग के प्रभारियों, पार्टी जिला प्रभारी और सह प्रभारी की बैठक होगी। इसमें सभी जिलाध्यक्षों को भी बुलाया गया है।

चिंतन शिविर में भी धर्मांतरण पर ही साधना

मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 31 अगस्त से 2 सितम्बर तक जगदलपुर में हुए भाजपा के चिंतन शिविर में भी इसी रणनीति की साधना हुई है। विधानसभा चुनाव 2023 के लिए भाजपा ने मुद्दों की पहचान की है, जिससे सरकार का जनाधार तोड़ा जा सके। फिलहाल धर्मांतरण का मुद्दा सामाजिक ध्रुवीकरण के टूल के तौर पर भाजपा के हाथ लगा है, जिसका प्रदेश भर में इस्तेमाल शुरू हो चुका है।

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