रायपुर| प्रदेश के कबीरधाम जिले के गांव में धर्मांतरण कराने के चलते पादरी के साथ मारपीट का मामला सामने है| मामला 29 अगस्त का बताया जा रहा है जहाँ 100 से अधिक संख्या में लोगों की भीड़ ने पादरी के घर में घुसकर कथित तौर पर उसे और उसके परिवार को पीटा। मिली जानकारी में पुलिस अधिकारी के अनुसार, भीड़ ने इस दौरान आदिवासी क्षेत्रों में ईसाई मिशनरियों के धर्मांतरण के खिलाफ नारे भी लगाए। यह घटना रविवार सुबह करीब 11 बजे की है। बताया जा रहा है कि भीड़ धर्मांतरण के खिलाफ नारे लगाते हुए 25 वर्षीय पादरी कवलसिंह परस्ते के घर में घुस गई। उस समय घर में प्रार्थना चल रही थी। मिडिया के मुताबिक, परस्ते के घर में तोड़फोड़ की गई और उनके परिवार के साथ मारपीट भी की गई। जानकारी अनुसार कबीरधाम के पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने बताया है कि, “प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 100 से अधिक लोगों की भीड़ उनके घर में घुस गई और कथित तौर पर पूजा करने की वस्तुओं, घरेलू सामानों को क्षतिग्रस्त कर दिया और उनकी पवित्र पुस्तक को भी फाड़ दिया।” गर्ग ने यह भी बताया कि हमले की सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम मौके पर पहुँची। उन्होंने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच छत्तीसगढ़ के क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल ने पुलिस और राज्य सरकार पर ईसाई प्रार्थना स्थलों पर हमले के मामलों में उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। अरुण पन्नालाल ने कहा, “यह एक बहुत ही खतरनाक प्रवृत्ति है, जो राज्य में प्रचलित हो गई है और सरकार इसे रोकने में विफल रही है। हम इस सरकार के सुस्त रवैये से बेहद आहत हैं।”

One thought on “पादरी को धर्मांतरण कराने के लिए 100 से अधिक लोगो ने घर में घुसकर पीटा, कहा- आदिवासियों का ईसाई धर्मांतरण बंद करो”

Leave a Reply