शहर में गरमाया धर्मांतरण का मुद्दा, रायपुर में BJYM कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी के विरोध में थाना घेरने की पहुंची भाजपा, हुई पुलिस के साथ झड़प, बैरिकेड तोड़े

CHATTISGARH POLITICAL RELIGIOUS STATE

रायपुर| शहर में धर्मांतरण को लेकर पिछले कुछ दिनों से गरमा-गर्मी चल रही है| पिछले दिनों भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेताओं ने पुलिस चौकी में एक पादरी को पीट दिया था। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भाजपा ने 8 सितंबर को दोनों आरोपियों की रिहाई के लिए रायपुर शहर के पुरानी बस्ती थाने को घेरने की कोशिश की। पुलिस ने रोका तो उनके साथ झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के बैरिकेड भी तोड़ दिए। भाजपा नेताओं ने आदिवासी अंचल से लेकर राजधानी रायपुर तक में बड़े स्तर पर धर्मांतरण का आरोप लगाया है। भाजपा कार्यकर्ता दोपहर में बूढ़ा तालाब स्थित धरनास्थल पर इकट्‌ठा हुए थे। भाजपा नेताओं ने कहा, कांग्रेस सरकार की शह पर ईसाई मिशनरी बिना किसी डर के लोगों का धर्म बदलवा रही है। यह छत्तीसगढ़ की धर्म-संस्कृति पर हमला है। रायपुर जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने कहा, कांग्रेस सरकार में धर्मांतरण बढ़ा है। धर्मांतरण के मामले में सरकार ने एकपक्षीय कार्रवाई कर लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि दूसरे पक्ष पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। भाजपा के जिला संयोजक नवीन शर्मा ने कहा, एक पादरी का मीडिया में बयान आया था। वह खुला चैलेंज कर रहा है, वह धर्मांतरण करता रहेगा। शर्मा ने कहा, ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जबकि धर्मांतरण का विरोध कर रहे लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर रही है। वरिष्ठ नेता सच्चिदानंद उपासने ने कहा, अगर सरकार अब भी कार्रवाई नहीं करती तो भाजपा उग्र आंदोलन करेगी।धरने के बाद थाना घेरने निकलेकरीब डेढ़-दो घंटे तक सभा करने के बाद भाजपा नेता पुरानी बस्ती थाने का घेराव करने निकले। पुलिस ने बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर का तिराहा पार करने से पहले बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक लिया। उसके बाद वहां हंगामा हो गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प हुई जिसमें दोनों पक्षों के लोगों को कुछ चोटें आई हैं। भाजपा प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए। बैरिकेड के साथ खड़ी की पतरों की दीवार में कई स्टील के पतरे नोच कर गिरा दिए। काफी देर बाद पुलिस किसी तरह उन्हें शांत कराने में सफल हो पाई।वहीं कांग्रेस पार्टी का कहना है की मुद्दा नहीं तो नफरत बो रही है भाजपामिली जानकारी में प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा, भाजपा ने फिर से अपनी नफरत की राजनीतिक दुकान खोल ली है। मुद्दाविहीन भाजपा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विकास के आगे लचर और बेबस दिख रही है। ऐसे में धर्मांतरण का राग अलाप कर ड्रामा कर रही है। विकास तिवारी ने कहा, सच तो यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के राज में सर्वाधिक धर्मांतरण हुआ है। भाजपा उस समय क्यों चुप थी जब जशपुर और बस्तर की तरफ गांव के गांव धर्मांतरित कर दिए गए थे। एशिया स्तर के बड़े चर्च बन रहे थे। विकास ने कहा, छत्तीसगढ़ के लोग भाजपा के नफरती मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने देंगे।5 सितंबर को शुरू हुआ था बवालरायपुर के भाठागांव इलाके में 5 सितंबर को धर्मांतरण के आरोप में बवाल शुरू हुआ। भाजपा और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े नेता एक पादरी पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाते हुए थाने पहुंचे। उन्होंने थाने का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। शिकायत पर पुलिस ने ईसाई समाज के कुछ लोगों को थाने बुला लिया। प्रदर्शन कर रहे लोग ईसाई समुदाय के लोगों को देखकर भड़क गए और विवाद शुरू हो गया। पुलिस पादरी को भीड़ से निकालकर प्रभारी के कमरे में ले गई, लेकिन प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने वहां पहुंचकर पादरी की पिटाई कर दी। पुलिस ने किसी तरह भीड़ को वहां से बाहर निकाला। बाद में पुलिस ने थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया। बाद में पुलिस ने संजय सिंह और मनीष साहू को पास्टर की पिटाई के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनों भाजयुमो कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं।

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