छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में गुरुवार रात खाना खाने के बाद 26 जवानों की तबीयत खराब हो गई। इन सभी जवानों ने खाने में पनीर की सब्जी और नॉनवेज खाया था। देर शाम से जवानों की तबीयत खराब होना शुरू हुई। इसके बाद सभी को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें ITBP (इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस) और CAF (छत्तीसगढ़ ऑर्म्ड फोर्स) के जवान शामिल हैं।

मध्यप्रदेश बार्डर से लगते खैरागढ़ इलाके के मलैदा कैंप में ITBP, CAF और MP की हॉक फोर्स के जवान संयुक्त रूप से नक्सल मोर्चे पर तैनात है। कैंप परिसर में तीनों फोर्स के जवान एक साथ रहते हैं, लेकिन उनके मेस अलग-अलग हैं। बताया जा रहा है कि दोपहर के खाने में ITBP और CAF जवानों को पनीर की सब्जी और नॉनवेज परोसा गया था।

खाना खाने के आधे घंटे बाद बिगड़ी तबीयत

खाना खाने के आधे घंटे बाद जवानों को उल्टी-दस्त की समस्या शुरू हो गई। देर शाम तक ज्यादा हालत बिगड़ी तो 15 जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं। फिर रात करीब 10 बजे के बाद 11 जवानों की और हालत खराब हो गई। उन्हें भी सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया है। वहां सभी जवानों का उपचार जारी है। फिलहाल, सभी जवान ठीक हैं और उनकी हालत स्थिर है।

एक दिन पहले ही सर्चिंग से लौटे थे, PHE को पानी की जांच के निर्देश

BMO डॉक्टर विवेक बिसेन ने बताया कि सभी जवानों की स्थिति सामान्य है। प्राथमिक चिकित्सा के बाद हालत मे सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले ही जवान सर्चिंग से लौटे थे। CMHO और SDM को सूचना दे दी गई है। पानी की समस्या के चलते ऐसा हो सकता है। इसके लिए PHED (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) को पानी की जांच के लिए कहा गया है।

जवानों के बेहतर इलाज के दिए निर्देश, कैंप में टीम भेजी गई

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टर और SP से जवानों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने बताया कि उनके स्वास्थ्य के संबंध में लगातार जानकारी ले रहें है। तत्काल इलाज मिलने से जवानों को राहत मिली और सभी जवान खतरे से बाहर हैं। CMHO डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि मलैदा कैंप में स्वास्थ्य विभाग की टीम उपचार के लिए भेजी गई है।

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