बिहार के वैशाली ज़िला स्थित बिझरौली गाँव से बिहार पुलिस की क्रूरता और गुंडागर्दी का एक ताजा उदाहरण सामने आया है। बिहार पुलिस द्वारा एक बूढ़ी महिला के घर पर आधी रात को हमला किया गया और घर में तोड़फोड़ की गई। इस मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) को शिकायत भेजी गई है, परंतु अब तक कोई कड़ा कदम नहीं उठाया गया है।

लंबे समय से बिहार में स्थापित सरकार गुंडागर्दी समाप्त करने और जंगलराज मिटाने के दावे करती है, परंतु जमीनी हकीकत से पता चलता है कि स्वयं बिहार पुलिस द्वारा ही आम जनता को आतंकित किया जा रहा है। एक ऐसा ही एक मामला 31 अक्टूबर, 2021 को बिहार के वैशाली ज़िले से सामने आया।

डू-पॉलिटिक्स से बातचीत करते हुए रवि कुमार बताते हैं कि किस तरह उनके घर पर आधी रात को पुलिसकर्मियों द्वारा हमला किया गया और उनकी बूढ़ी माँ के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया।

रवि ने हम से बातचीत में बताया कि उनकी माँ मीना कुमारी आयु लगभग 65 वर्ष है और वे स्वर्गीय प्रोफेसर विजयकांत चौधरी की विधवा हैं। वे लोग बिझरौली गाँव के रहने वाले हैं और उनका क्षेत्र तीसिऔता थाने के अंतर्गत आता है।

रविवार (31 अक्टूबर, 2021) की रात को लगभग 12:00 बजे उनके घर में महिला पुलिस समेत हाजीपुर थाने के करीब 10 से 12 पुलिसकर्मी ज़बरन घुस गए।

वे लोग घर की दीवार फाँद कर अंदर घुसे और दरवाज़े की कुंडियाँ तक तोड़ डालीं। इसके बाद वे उनकी माँ मीना कुमारी के शयनकक्ष में घुसे और अभद्रता एवं गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने बूढ़ी महिला से ₹50,000 की फिरौती की भी माँग की।

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