रायपुर| छत्तीसगढ़ के रायपुर में सहायक शिक्षक फेडरेशन के आंदोलन का आज 8वा दिन है| अपनी मांगों को लेकर लगभग 1 लाख से अधिक शिक्षक आंदोलन में शामिल है और रोज़ाना 20 हज़ार धरनास्थल पर मौजूद उपस्तिथ हो रहे है| वेतन विसंगतियों और अन्य मांगों को लेकर प्रदेश भर से हजारों सहायक शिक्षक रायपुर पहुंच गए हैं। इन शिक्षकों का कहना है कि कांग्रेस की सरकार ने चुनाव से पहले किया अपना वादा अब तक पूरा नहीं किया। जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वह अनिश्चितकाल आंदोलन में डटे रहेंगे।

अनिश्चित काल आंदोलन से पहले वह जिला मुख्यालय और ब्लॉक मुख्यालयों में धरना दिया था मगर कार्यवाही नहीं हुई। शिक्षक संघ के तमाम बड़े नेता भी इनमें शामिल हैं। शासन -प्रशासन शिक्षकों से बातचीत की कोशिश कर रहा है, लेकिन फेडरेशन ने दो टूक कह दिया है वे केवल मुख्यमंत्री से ही बात करेंगे।

16 दिसंबर को सहायक शिक्षक प्रथम दिवस विधानसभा के घेराव व तीसरे दिन जेल भरो आंदोलन में गिरफ्तारी देने के लिए हजारों की संख्या में सहायक शिक्षक आगे बढ़े और इस दौरान रास्ते में सप्रे शाला के पास सहायक शिक्षकों की रैली को पुलिस ने रोक दिया। सहायक शिक्षकों को इस दौरान गिरफ्तार किया गया व दो घण्टे के बाद निशर्त रिहा किया गया। इस दौरान बैरिकेड के पास पुलिस और सहायकों के बीच जमकर झूमा झटकी हुई। झूमा झटकी के दौरान महासमुंद जिले से प्रदेशसह सचिव बनमोती भाई बेहोश हो गई। वहीं जिला अध्यक्ष ईश्वर चंद्राकर के सीने पर चोट लगी। बीपी मेश्राम प्रदेश विधिक सलाहकार प्रदेश सहसचिव राजेश प्रधान, जिला सहसचिव विजय राजपूत भी इस दौरान चोटिल हुए।

धरनाथल पर मौजूद आंदोलन के 8वें दिन जिला अध्यक्ष ईश्वर चंद्राकर ने कहा – सहायक शिक्षक एक आलू के सामान, जिसे सरकार से लेकर शासन-प्रशासन सभी उपयोग करते हैं| कोविड-19 के दौरान जब लोग घर के बाहर निकलने से डरते थे उस वक्त भी क्वारंटाइन का ड्यूटी, प्रवासी मजदूरों को घर तक पहुंचाने का कार्य किया, मृत शवों को उनके घर तक पहुंचाया और जब जलाने की जगह नहीं मिली तो शमशान घाट तक ले गए| टीकाकरण कि ड्यूटी की, यह सभी कार्यो के बाद भी बच्चों को लगातार मुख्य धरा से जोड़ने के लिए ऑनलाइन क्लास, बुल्टू के बोल, मोहल्ला क्लास के साथ प्रयास किया|

समय सीमा बीतने के बाद नहीं आई रिपोर्ट

शिक्षक यह मांग कई वर्षों से कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर एक कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी को 90 दिन के भीतर रिपोर्ट देनी थी। पिछले 4 दिसंबर को यह समय सीमा बीत गई। इसके बाद शिक्षक फिर से आंदोलन पर उतर आये हैं।

वेतन विसंगति को लेकर मुख्य मांग

प्रदेश में शिक्षकों को अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है, वर्ग 1, 2 और 3। वर्ग 1 में काम करने वाले शिक्षकों को व्याख्याता एल बी कहा जाता हैं। वर्ग 2 के शिक्षकों को शिक्षक एलबी कहा जाता है जिनका ग्रेड पे 4400 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं वर्ग 3 में काम करने वाले शिक्षकों को सहायक शिक्षक एलबी कहा जाता है जिनका ग्रेड पे 2400 रुपये निर्धारित है। इसके चलते वर्ग 2 और वर्ग 3 के सहायक शिक्षकों के वेतन में प्रति माह लगभग 12000 रुपये का अंतर आ जाता है। सहायक शिक्षकों की मांग है कि इस अंतर को कम कर 1000 से 2000 रुपये तक किया जाए।

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 18 दिसंबर को मुंगेली के अमरटापू और लाल धाम में आयोजित गुरु घासी दस जयंती में शामिल होने पहुंचे| जहाँ शिक्षक आंदोलन को लेकर बोले की- बातचीत से ही प्रयास निकाला जा सकेगा| कोरोना से डेढ़ साल स्कूल बंद हैं, ऐसे में शिक्षकों का आंदोलन उचित है?

By Desk

Leave a Reply Cancel reply