पीएम मोदी के अलीगढ़ दौरे से पहले बीजेपी दफ्तर में तोड़फोड़ करने वाला आरोपी बाबू सिद्दीकी आया पकड़ में, टॉयलेट में डाली गई जिन्ना की तस्वीर

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नई दिल्ली| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले उत्तर प्रदेश के अलीगढ का राजनीतिक मौसम पल-पल बदल रहा है। अलीगढ़ में कहीं भाजपा दफ्तर में तोड़फोड़ हुई तो कहीं मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर टॉयलेट से मिली। अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष इमरान सैफी के भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ मचाई गई है। इस दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें फाड़ डालीं। लोधा में राजा महेंद्र प्रताप के नाम से स्टेट यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलीगढ़ आने वाले हैं। इसी बीच भुजपुरा के रहने वाला बाबू अपने भाई सद्दीक व कुछ अन्य लोगों के साथ भाजपा कार्यालय में धमका और इन लोगों ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। कार्यालय को बम से उड़ाने की भी धमकी दी गई। इस सम्बन्ध में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

सीएम योगी के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने ट्वीट कर जानकारी दी, “इस करतूत के मुख्य आरोपी बाबू सिद्दीकी धर लिए गए हैं, कंन्फ्यूज हो गए थे कि बंगाल में हैं। अब पूरी तरह समझ आ रहा है कि यूपी है।” जिस कार्यालय में तोड़फोड़ हुई, उसे अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नवनियुक्त अध्यक्ष इमरान सैफी ने गुरुवार (9 सितंबर, 2021) को ही स्थापित किया था। इसी बीच बाबू और सद्दीक वहाँ आ धमके। उन्होंने कहा कि अगर अगली बार यहाँ भाजपा की बैठक हुई तो कार्यालय को बम से उड़ा डाला जाएगा। साथ ही दफ्तर में रखे समान को भी इधर-उधर फेंका। कोतवाली पुलिस सूचना पाकर मौके पर पहुँची ज़रूर, लेकिन उससे पहले हमलावर भाग खड़े हुए थे। उधर ‘अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU)’ में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर भी विवाद बढ़ता ही जा रहा है।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिन्ना की तस्वीर हटवाने के लिए विरोध प्रदर्शन भी किया है। इसके बाद उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर टॉयलेट में लगा डाली। भाजपा के मंडल प्रवक्ता शिवांग तिवारी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में जबरदस्त नारेबाजी हुई और जिन्ना की तस्वीरें फाड़ी गईं। गाँधी पार्क बस अड्‌डे पर जिन्ना की तस्वीर टॉयलेट में लगाई गई। हालाँकि, सूचना मिलते ही प्रशासन ने वहाँ पहुँच कर तस्वीर को हटाया। इन युवाओं ने 9 सितंबर को जिन्ना की तस्वीर के विरोध में प्रदर्शन किया था और खून से पत्र लिखकर पीएम मोदी से माँग की थी कि जिन्ना की तस्वीर को AMU से हटाई जाए। प्रशासन ने उनके ज्ञापन को केंद्र सरकार तक भेजे जाने का आश्वासन दिया था। 12 सितंबर को भाजपा ने फिर विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने घर में नजरबंद किए जाने के भी आरोप लगाए, जिसे प्रशासन ने नकार दिया है।

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