“बारिश को रोक नहीं सकते, इसलिए लोग अभी यात्रा न करें, जहां हैं वहीं रहें”: सीएम भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में जलभरव को लेकर दिया बयान

CHATTISGARH POLITICAL STATE

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लगभग सभी क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से बहुत तेज़ बारिश हो रही है| जिस कारण करीब सभी जिलों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. नदी-नाले ऊफान पर हैं| आवागमन बाधित हो गया है| राजधानी रायपुर में भी जलभराव के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जहां तेज बारिश होगी| उसे रोका नहीं जा सकता है| इसके लिए सिस्टम काम नहीं करता है| इसलिए लोग अभी यात्रा न करें| जहां है वहां ही रहें, क्योंकि अभी ज्यादा बारिश हो रही है| जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि है, वो जलभराव की स्थिति को देख रहे हैं|

रविवार को सर्वाधिक 135.2मीमि बारिश जिले के 5 तहसीलों में दर्ज किया गया| भू अभिलेख शाखा के रिकार्ड के मुताबिक 13 सितम्बर की सूबह गरियाबन्द में 40.1मिमी बारिश, राजिम में 7.2 मिमी, छुरा में 74.1मिमी, मैनपुर में12.6 मिमि तो सबसे कम देवभोग तहसील में 1.2 मिमी वर्षा रिकार्ड किया गया| सोमवार तक बारिश के आंकड़े दुगुने हो गए| गरियाबन्द नगर के भीतर घुटने भर पानी भरा हुआ है| जिले के अधिकांश जगह जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है| मौसम विभाग ने आने वाले 24 घण्टे तक भारी बारिश की चेतावनी दिया है,गरियाबन्द जिले को प्रभावित बताया गया है|

दरअसल प्रदेश में पिछले कई दिनों से तेज बारिश हो रही है| जिलों में भारी बारिश की वजह से शहरें जलमग्न हो गई हैं| चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है| गरियाबंद जिले के छोटे-छोटे नदी नालों से लेकर पैरी और सोंढूर जैसी बड़ी नदियां उफान पर हैं| सिकासार बांध पूरी तरह लबालब हो गया है| मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी कर रखा है| धमतरी जिले के अर्जुनी थाना में भी बारिश का पानी घुस गया है| यहां भी बीती रात से लगातार तेज बारिश हो रही है| सड़कों पर जलभराव के बाद थाने में बारिश का पानी घुस गया है| थाने में घुटनों तक पानी भर गया है, जिसके बाद पुलिस कर्मचारी थाने का सामान सुरक्षित रखने में जुटे हुए हैं| जिले के कई इलाके में पानी भरा हुआ है|

गरियाबंद जिले के घटारानी जलप्रपात में पिछले दो दिनों से अंचल सहित क्षेत्र में दिन रात हो रही लगातार बारिश के चलते मां घटारानी का जलप्रपात लोगों को मंत्र मुग्ध कर आकर्षित कर रहा है| यहां पहाड़ों से होकर गिरने वाली तेज धार की शक्ल झरने में तब्दील हो गया है| जो अब लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है| यही वजह है कि अंचल सहित प्रदेश भर के दूर-दराज से लोग धार्मिक स्थल माँ घटारानी के दर्शन के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाने यहां पहुँच रहे हैं| बता दें कि मौसम विभाग ने 14 सितंबर के लिए भी चेतावनी जारी किया है| छत्तीसगढ़ के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है| प्रदेश के बिलासपुर संभाग और उससे लगे सरगुजा, दुर्ग और रायपुर संभाग के जिलों में भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है| प्रदेश में अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है| 15 सितंबर को छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है| प्रदेश के बिलासपुर संभाग के पूर्वी मध्यप्रदेश से लगे जिलों में और सरगुजा संभाग के कुछ जिलों में एक दो स्थानों पर भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है| प्रदेश में अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है| मालगांव के पास नेशनल हाइवे के ऊपर 2 फिट पानी बह रहा है| यही कारण है कि कई रूटों पर आवागमन अवरूद्ध हुआ है| झमाझम बारिश के कारण सिकासेर जलाशय के 7 गेटों से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है| वहीं कलेक्टर ने टीएलई बैठक निरस्त कर सभी एसडीएम को तटीय इलाके में तैनात रहने का निर्देश दिया है|

सीएम के बयान से प्रशासन की विकास कार्यों की कमियों को छुपाया जाना मुश्किल है| क्योंकि निगम के अधिकारीयों द्वारा कहा जाता है की ड्रेनेज सिस्टम बनाया गया है इसीलिए पानी निकल रहा है| लेकिन राजधानी रायपुर के तेलघानी नाका से रेलवे स्टेशन जाने का रास्ता का हो या काठाडीह रोड अभी भी रास्तों में पानी इक्कठा हो गया है| लोगों को आने जाने में तकलीफ है| वही गरियाबंद में आने जाने वाले लोग और वाहन पार नहीं कर सकेंगे| क्योंकि पानी का स्तर कभी भी खतरा मोड़ ला सकता है|

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