नई दिल्ली| गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर ड्रग्स का मामला सामने आने के बाद अडानी पोर्ट ने 15 नवंबर से अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान से आने वाले कार्गो की जिम्मेदारी नहीं लेने का फैसला किया है। बता दें कि कुछ दिन पहले अडानी ग्रुप की ओर से संचालित होने वाले मुंद्रा बंदरगाह (Port) पर भारी मात्रा में ड्रग्स मिली थी। जिसको लेकर कांग्रेस ने मोदी और अडानी ग्रुप को जमकर घेरा था।

ट्रेड एडवाइजरी जारी करते हुए पोर्ट्स एंड लॉजिस्टिक्स ने कहा कि 15 नवंबर से APSEZ ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले EXIM कंटेरीकृत कार्गो को नहीं संभाल पाएगा। यह आदेश APSEZ की ओर संचालित होने वाले सभी टर्मिनलों और किसी भी APSEZ बंदरगाह पर थर्ड पार्टी के टर्मिनलों सहित अगली सूचना तक लागू रहेगा। बता दें कि मुंद्रा पोर्ट पर जो भारी मात्रा में ड्रग्स मिली थी, वह अफगानिस्तान से आई थी। ड्रग्स की बरामदगी के बाद यह एडवाइजरी जारी की गई है।

अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बनने के बाद ड्रग्स की तस्करी का खतरा और बढ़ गया है। कुछ दिन पहले गुजरात के कच्छ जिले में मुंद्रा बंदरगाह से 3,500 करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़ी गई थी।

इस तरह से भारत आ रहा मादक पदार्थ
मादक पदार्थ को अफगानिस्तान के कंधार से ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह और वहां से फिर गुजरात के मुंद्रा बंदरगाज भेजा जाता है।

कांग्रेस ने उछाला था अडानी का नाम
कांग्रेस नेता के मुताबिक, ‘सबको पता है कि इस बंदरगाह का स्वामित्व अडानी समूह के पास है।’ कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘मुंबई में फिल्म से जुड़े किसी व्यक्ति के पास दो ग्राम ड्रग्स मिल जाए तो देश के सभी मुद्दों को दरकिनार कर मीडिया में बहस होती है, लेकिन 3000 किलोग्राम ड्रग्स को लेकर खामोशी है।’ खेड़ा ने सवाल किया था, ‘आखिर क्या कारण है कि प्रधानमंत्री, जो कि गुजरात से आते हैं, वो भी चुप हैं? गृहमंत्री जो कि गुजरात से आते हैं, वो भी चुप हैं? आला अधिकारी भी चुप क्यों हैं?’

अडानी ग्रुप ने दी थी सफाई
कांग्रेस की ओर से लगातार हमला किए जाने के बाद अडानी ग्रुप ने चुप्पी तोड़ते हुए जवाब दिया था। जिसमें अडानी ग्रुप ने कहा था कि हम तो मुंद्रा पोर्ट के केवल ऑपरेटर हैं। वहां कौन से शिपमेंट्स आते हैं, उसे चेक करने का अधिकार हमारे पास नहीं है।

By Desk

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