देशभर में छत्तीसगढ़ राज्य को भले ही स्वच्छता सर्व श्रेष्ठ राज्य घोषित कर दिया गया हो लेकिन रायपुर राजधानी स्वच्छता का आभाव है| छत्तीसगढ़ की जनता कचरे की गाड़ी में भले ही कचरा को गिरा रहे हों लेकिन, अभी अभी खाली प्लाट या जमीन में कचरा गिराया जा रहा है| शहर का जीई रोड स्तिथ अनुपम गार्डन के सामने रखे गए सैनिक टैंक को भी साफ़ नहीं किया जाता| केवल तस्वीरों के लिए ही साफ़ सफाई होती है| खारुन नदी के पास स्तिथ डंपिंग ग्राउंड से भी बारिश के दिनों में पानी बह कर खारुन नदी में चला जाता हिअ जिससे पानी दूषित होता है| केवल पोर्च इलाकों में साफ़ सफाई होती है| बाकि सब जगह छोटे कस्बे , बस्ती और कचरा खदान वाले इलाकों में रहने वाले लोग स्वच्छता से वंचित है| ऐसे में केंद्रीय मंत्री हरदीप पूरी ने छत्तीसगढ़ के मंत्रियों को सम्मनित करने के लिए दिली आमंत्रित किया है|

केंद्र सरकार की तरफ से छत्तीसगढ़ को सूचना मिली है कि स्वच्छता के मामले में छत्तीसगढ़ को एक बार फिर देश में सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित किया गया है। न सिर्फ राज्य, बल्कि यहां के 61 निकायों को भी स्वच्छता में बेहतर प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया जाने वाला है। इस सूचना के साथ केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिव डहरिया को दिल्ली आमंत्रित किया है, जहां 20 नवंबर को पुरस्कार दिए जाएंगे।

पता चला है कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित स्वच्छता के अमृत महोत्सव में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यह पुरस्कार प्रदान करेंगे। सूत्रों के मुताबिक देश में छत्तीसगढ़ अकेला राज्य होगा जहां के सबसे ज्यादा निकायों को इस साल स्वच्छता के मामले में पुरस्कृत किया जाएगा। नगरीय प्रशासन विभाग के अफसरों के मुताबिक इससे पहले 2019-20 में भी छत्तीसगढ़ स्वच्छता के मामले में अग्रणी राज्य रहा है। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय हर साल स्वच्छ सर्वेक्षण का आयोजन करता है। सीएम भूपेश बघेल ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेश की जनता तथा सफाई कर्मचारियों के साथ ही विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी है।

इसलिए बने सर्वश्रेष्ठ
छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र ऐसा प्रदेश है जहां पर 9000 से अधिक स्वच्छता दीदियों के माध्यम से घर-घर जाकर 1600 टन गीला एवं सूखा कचरा इकट्‌ठा कर उसे डिस्पोज किया जाता है। शहरों एवं कस्बों से मुक्कड़ हटाकर अब कचरों को सीधे प्रोसेसिंग प्लांट तक ले जाया जाता है।

ये निकाय पुरस्कृत होंगे
अंबिकापुर, रायपुर, भिलाई-चरौदा, बिरगांव, चिरमिरी, भाटापारा, कवर्धा, जशपुर नगर, दीपका, पाटन, दोरनापाल, चंद्रपुर, उतई, अभनपुर, सूरजपुर, भाटागांव, घरघोड़ा, किरोड़ीमल नगर, रायगढ़, छुरियाकला, कोरबा, बिलासपुर, राजनांदगांव, बेमेतरा, धमधा, अहिवारा, दुर्ग, भिलाईनगर, बालोद, चिखलाकसा, गोबरा नवापारा, कूंरा, सरायपाली, मगरलोड, बड़े बचेली, रिसाली, बैकुंठपुर, प्रेमनगर, अकलतरा, शिवरीनारायण, चांपा, खैरागढ़, छुरिया, डौंडी, कसडोल, माना-कैंप, राजिम, खरोरा, बसना तथा खम्हरिया।

पुरस्कार के ये आधार
जिन मापदंडों के आधार पर पुरस्कार दिये जाते हैं उनमें घरों से कचरा इकट्‌ठा करने, कचरे का डिस्पोजल, खुले में शौच तथा कचरा मुक्त शहर आदि का थर्ड पार्टी के माध्यम से आंकलन कर लोगों से फीडबैक लिया जाता है। इसी के आधार पर राज्यों एवं शहरों की रैंकिंग जारी की जाती है।

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