छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश के दक्षिण पूर्वी भाग में स्थित है छत्तीसगढ़ राज्य का गठन 1 नवंबर सन 2000 को हुआ। अभी छत्तीसगढ़ में 28 जिले हैं। इस राज्य का कुल क्षेत्रफल 135198 वर्ग किलोमीटर है ये राज्य पहले दक्षिण कौसल के नाम से जाना जाता था। जिसकी राजधानी श्रीपुर हुआ करती थी। जो अब सिरपुर के नाम से जाना जाता है।यहाँ महासमुंद जिले के अंतर्गत आता है सिरपुर में कई महत्वपूर्ण मंदिर है। श्रावण के महीने में शिव भक्त महानदी के किनारे स्थित गंधेश्वर मदिर में बड़ी संख्या में जल चढ़ाने जाते है।

छत्तीसगढ़ के सिहावा पर्वत से महानदी निकलती है जो मध्य भाग में उपजाऊ भूमि और फसल के लिए जल प्रदान करती है, जिसके कारण यहाँ धान की फसल अधिक होता है। इसलिए छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा भी कहा जाता है।छत्तीसगढ़ भारत का एक राज्य है।

छत्तीसगढ़ का इतिहास

भारतीय स्वतंत्रता से पहले, वर्तमान छत्तीसगढ़ राज्य को मध्य प्रांतों और ब्रिटिश भारत के एक प्रांत बरार और उत्तर, दक्षिण और पूर्व में कई रियासतों के बीच विभाजित किया गया था , जो पूर्वी राज्य एजेंसी का हिस्सा थे ।

ब्रिटिश प्रांत ने राज्य के मध्य भाग को शामिल किया, और तीन जिलों, रायपुर , बिलासपुर और दुर्ग से बना था, जो मध्य प्रांत के छत्तीसगढ़ डिवीजन को बनाते थे । दुर्ग जिला 1906 में रायपुर जिले के पूर्वी भाग से बनाया गया था।

राज्य का उत्तरी भाग, जिसमें वर्तमान कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और रायगढ़ जिले शामिल हैं, चांग भाकर, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर, रायगढ़, सरगुजा और उदयपुर की छह रियासतों में विभाजित थे। पूर्व में नंदगांव , खैरागढ़ और कवर्धा राज्यों में वर्तमान राजनांदगांव और कवर्धा जिले शामिल थे। दक्षिण में, कांकेर राज्य में वर्तमान कांकेर जिले का उत्तरी भाग शामिल था, और बस्तर राज्य में वर्तमान बस्तर और दंतेवाड़ा जिले और कांकेर जिले का दक्षिणी भाग शामिल था।

भारतीय स्वतंत्रता के बाद, रियासतों को मध्य प्रांत और बरार के साथ मिलाकर मध्य प्रदेश का नया राज्य बनाया गया । वर्तमान छत्तीसगढ़ में मध्य प्रदेश के सात जिले शामिल हैं। कांकेर और बस्तर के पूर्व राज्यों ने नए बस्तर जिले का गठन किया, सरगुजा, कोरिया के कुछ हिस्सों और चांग भाकर ने नए सरगुजा जिले का गठन किया, और नंदगांव, खैरागढ़ और कवर्धा राज्यों ने नए राजनांदगांव जिले का गठन किया।

1998 में, वर्तमान छत्तीसगढ़ को बनाने वाले सात जिलों को 16 जिलों के रूप में पुनर्गठित किया गया था। दंतेवाड़ा और कांकेर जिले बस्तर से अलग हो गए थे; धमतरी जिला रायपुर से विभाजित किया गया था; जांजगीर-चांपा और कोरबा जिलों को बिलासपुर से विभाजित किया गया था; जशपुर जिला रायगढ़ से विभाजित किया गया था; कवर्धा जिला बिलासपुर और राजनांदगांव के कुछ हिस्सों से बना था; कोरिया और सूरजपुर जिले को सरगुजा से विभाजित किया गया था; और महासमुंद जिला रायपुर से अलग हो गया था।

1 नवंबर 2000 को, इन 16 जिलों को मध्य प्रदेश से विभाजित करके छत्तीसगढ़ का नया राज्य बनाया गया। बाद में दो नए जिले जोड़े गए। 1 जनवरी 2012 को, छत्तीसगढ़ सरकार ने कुल 27 के लिए 9 नए जिलों की घोषणा की। 15 अगस्त 2019 को, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के 28 वें जिले, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के निर्माण की घोषणा की, जिसे बिलासपुर जिले से अलग किया जाएगा। 10 फरवरी 2020 को नए जिले का उद्घाटन किया गया।

छत्तीसगढ़ के जिले

एक राज्य के भारत , 32 प्रशासनिक है जिलों । मध्य प्रदेश से अलग होने के समय , छत्तीसगढ़ में मूल रूप से 16 जिले थे। दो नए जिले: बीजापुर और नारायणपुर 11 मई, 2007 और नौ नए जिलों को 1 जनवरी, 2012 को बनाया गया था। नए जिलों को अधिक लक्षित, केंद्रित और करीबी प्रशासन की सुविधा के लिए मौजूदा जिलों को तराश कर बनाया गया है। ये जिले सुकमा, Kondagaon, बालोद, बेमेतरा, बलोदा बाजार, गरियाबंद, मुंगेली, Surajpur और बलरामपुर नाम दिया गया है [2]गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का उद्घाटन 10 फरवरी 2020 को किया गया था। 15 अगस्त 2021 को चार नए जिलों- मनेंद्रगढ़, मानपुर-मोहला, शक्ति और सारंगढ़-बिलाईगढ़ की घोषणा की गई थी।

राजकीय पशु – वन भैसा।
राजकीय पक्षी – पहाड़ी मैना।
छत्तीसगढ़ देश का धान का कटोरा है।
महानदी छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा के नाम से जानी जाती है।
छत्तीसगढ़ उष्णकटिबंधीय जलवायु वाला प्रदेश है।

क्यों पड़ा छत्तीसगढ़ का नाम?

जानकार लोगों की माने तो जब छतीसगढ़ का गठन हुआ उस वक्त छत्तीसगढ़ में 36 गढ़ या किले हुआ करते थे| गढ़ का मतलब रियासतों की जिम्मेदारी से है| उन 36 गढ़ों की वजह से ही छत्तीसगढ़ का नाम रखा गया है| हालाँकि 20 वर्ष बाद भी राज्य में गढ़ों की संख्या बढ़ी है| फिर भी राज्य के नाम में कोई गए हैं| इस इलाके की बोली को छत्तीसगढ़ी कहा जाता है| छत्तीसगढ़ी के अलावा भी राज्य में माढ़िया, हल्बी, गोंडी जैसी भाषा बोली जाती है|

छत्तीसगढ़ का राजनैतिक इतिहास

राजनितिक इतिहास की बात की जाये तो यहाँ मध्यप्रदेश के बंटवारे के बाद पहली सरकार कांग्रेस की बनी और अजित जोगी पहले मुख्यमंत्री बने, 2003 में भाजपा के डॉ. रमन सिंह की सरकार बनने के बाद काफी समय तक उनका राज कायम रहा| बता दें रमन सिंह पहली बार 1999 में राजनांदगाव से लोकसभा चुनाव में जित मिली थी| जिसके बाद 2003 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में किस्मत आजमाई और भारी मतों से जीत हांसिल की| वर्तमान के समय में अनसुइया उइके राजयपाल और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल है| प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है|

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