दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर भड़काऊ नारे लगाने के मामले में चार्जशीट दाखिल की है। टाइम्स नाउ के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय को क्लीन चिट देते हुए उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें वकील को भड़काऊ भाषण देने का जिम्मेदार ठहराया गया था।

चार्जशीट में पुलिस ने कहा कि भाजपा के पूर्व प्रवक्ता ने औपनिवेशिक युग के कानूनों के खिलाफ रैली का आयोजन किया था। चार्जशीट में कहा गया ​है कि डांस टीचर से स्थानीय दक्षिणपंथी नेता बनने वाले गाजियाबाद निवासी उत्तम उपाध्याय ने जंतर-मंतर पर सांप्रदायिक नारे लगाए थे।

मालूम हो कि इस मामले में हिंदू रक्षा दल प्रमुख पिंकी चौधरी का नाम भी शामिल है। पिंकी चौधरी ने 31 अगस्त को दिल्ली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद उन्हें 30 सितंबर को जमानत दे दी गई थी। वहीं, अश्विनी उपाध्याय को 10 अगस्त को गिरफ्तार कर 11 अगस्त को जमानत दे दी गई थी। इस मामले में विनोद शर्मा, दीपक सिंह, विनीत बाजपेयी, प्रीत सिंह और दीपक कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले, एक ट्रायल कोर्ट ने चौधरी द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि “हम तालिबान नहीं हैं।”

गौरतलब है कि इस साल अगस्त में दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता व सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया था। उन पर आरोप था कि उनके ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ में मुस्लिम विरोधी नारे लगाए गए। उपाध्याय से पुलिस ने लगभग 6 घंटे तक पूछताछ की थी। इस विरोध प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए थे।

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