डूबता छत्तीसगढ़, 2 घंटे की मूसलाधार बारिश से राजधानी का हाल हुआ बेहाल

CHHATTISGARH

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 11 सितंबर को मूसलाधार बारिश के चलते रायपुर जिले के ज्यादातर इलाकों में जल भराव की स्थिति हो गई| जिस कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया| राजधानी के लाल गंगा शॉपिंग मॉल इलाके में तेज बारिश की वजह से सड़कें पानी में डूब गई| वहां मौजूद दुकानों में पानी भर गया. जबकि कई इलाको के कॉलोनियों के घरों में नालियों का गंदा पानी घुस गया है| रायपुर में करीब 2 घंटें की बारिश से कई इलाकों का बुरा हाल हो गया है| मुख्यमंत्री निवास से महज 1 किमी दूर जलविहार कॉलोनी के घरों में नालियों का गंदा पानी घुस गया है| सड़कों पर करीब 6 फीट तक भरा पानी भर गया है| घर का राशन बहकर सड़क पर तैरता नजर आ रहा हैं. गटर की गंदगी घर के कमरों में प्रवेश कर गया है|

इसी तरह के हालत रायपुर के मोबाइल हब, लाल गंगा में मौजूद व्यापारी यह भी नहीं समझ पा रहे हैं कि वो अपने आप को सुरक्षित रखें या फिर दुकान को व्यवस्थित करें| क्योंकि दुकानों के बीच में मौजूद गैलरी तालाब में तब्दील हो गई है| जहां से पानी का निकासी नहीं हो पा रहा है| जिसके चलते पूरा पानी व्यापारियों के दुकानों में घुस गया है| व्यापारी अपने दुकान के अंदर से जिनता सामान बाहर निकाल सकते थे, वो निकाल लिए हैं| बाकी सामान अंदर ही है|
या यूं कहें कि लाल गंगा स्थित शॉपिंग मॉल का ग्राउंड फ़्लोर पूरी तरह से पानी में डूब गया है| जिस कारण व्यापारियों को लाखों रुपए का नुकसान हो गया है. लाल गंगा शॉपिंग मॉल इलेक्ट्रॉनिक सामानों का मार्केट है| व्यापारियों का कहना है कि जल भराव से नुकसान तो तय है| करीब 60-70 दुकानों में पानी भर गया है| बारिश थमने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है|

करीब दो घंटे हुई तेज बारिश की वजह से सड़कों पर पानी ही पानी भरा हुआ है| आप-पास का पूरा इलाका जलमग्न हो गया है| सड़क किनारे खड़ी बाइकें भी पानी में डूब गईं हैं| राजधानी में ज्यादातर इलाकों में बरसात के मौसम में ऐसी ही स्थिति बन जाती है| इसकी वजह यह है कि नालियों के जरिए पानी का सही तरीके से निकासी नहीं हो पाता है| तेज बारिश होते ही नगर निगम के दावों की पोल खुल जाती है| इसका खामियाजा आम जनता और दुकानदारों को भुगतना पड़ता है| बारिश के बाद स्थिति और बदतर हो जाती है|

रायपुर नगर निगम कमिश्नर प्रभात मलिक ने कहा कि बारिश ज़्यादा होने के कारण जलभराव हुआ है| ड्रेनेज साफ़ है| इसलिए पानी ख़ाली हो रहा है| जितने जगह भी जलभराव हुआ है| वहां निगम की टीम भेज दी गई है| उन्होंने कहा कि लाल गंगा शॉपिंग मॉल में मशीन लगाया जा रहा है| पानी निकालने के बाद व्यापारियों के नुकसान को पता चल सकेगा| व्यापारियों के नुकसान का क्या होगा, इस पर कुछ नहीं कह सकता|

चूकि छत्तीसगढ़ में उष्णकटिबंधीय नम पर्णपाती वन और उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन है| इस तरीके के वनों में भारी बारिश होती है, जिससे यह साफ़ हैं की निगम को शहर में इसके लिए तैयारी करनी आवयशक है| लेकिन सभी इस बात को चुनाव या आम दिनों में भूल जातें हैं की जलभराव भी रायपुर की मुख्य समस्या है| पिछली सरकार के वक्त रायपुर के रेल्वे स्टेशन रोड से गुढ़ियारी जाने के अंडरग्राउंड पुल में पानी भरने की समस्या थी जिसको बाद में सुधारा गया| शहर में ऐसे कई पोर्श इलाके हैं जहां आज भी डबरा के सामान नज़ारा देखने को मिलता है| रायपुर का समता कॉलोनी, चौबे कॉलोनी, शंकर नगर, और ऐसे कई जगह हैं जहां हलकी सी बारिश से रोड में बरसात और नाली का गंदा पानी मिलकर घुटने तक भर जाता है| यह समस्या हर-दम बरसात के दिनों में होती है | ऐसे में न तो प्रदेशवासी स्मार्ट सिटी में स्मार्ट होंगे, ना ही नया छत्तीसगढ़ गढ़ पाएंगे|

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