नई दिल्ली| टेस्ला और भारत सरकार कुछ गतिरोध में हैं. जहां टेस्ला ने अपनी भारतीय इकाई शुरु की है और देश में अपनी मॉडल 3 और मॉडल Y का परीक्षण भी शुरू कर दिया है, कंपनी भारत में उन मॉडलों को लॉन्च करने के करीब भी नहीं है. चुनौती पूरी तरह से आयात की गई कारों (सीबीयू) लगने वाली पर 60-100 प्रतिशत ड्यूटी है, जो टेस्ला की सबसे सस्ती कार, मॉडल 3 को भारत में काफी महंगी बनाती है, अमरिकी में उसकी 40,000 डॉलर की कीमत को देखते हुए है.

टेस्ला के अधिकारियों ने हाल ही में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से कहा कि देश में आयात की गई प्रदूषण मुक्त कारों लगने वाले टैक्स को कम करना चाहिए. लेकिन अब नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा है कि टेस्ला केवल विदेशों से भारत में कारों को आयात न करे क्योंकि इससे देश में रोजगार पैदा नहीं होंगे. कुमार की टिप्पणी पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया (पीएएफआई) में आई, जहां उन्होंने कहा कि अगर कंपनी देश में कारों का निर्माण शुरू करती है, तो उसे वह सभी टैक्स ब्रेक मिलेंगे जो वह चाहती है.

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