बिहार| आरजेडी दल प्रमुख लालू प्रसाद के बेटे और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, उनकी बेटी और राजयसभा सांसद मीसा भर्ती समेत 6 लोगों के एफआईआर दर्ज करने का आदेश पटना सिविल कोर्ट ने दिया है। उन पर लोकसभा चुनाव के दौरान 5 करोड़ रुपए की ठगी करने के आरोप हैं। इसके अलावा तेजस्वी पर हत्या की धमकी देने का भी आरोप है।

पिछले दिनों इस मामले में कांग्रेस नेता और एडवोकेट संजीव कुमार सिंह ने पटना सिविल कोर्ट में परिवाद दायर किया था। 18 अगस्त को दायर किए गए परिवाद में संजीव कुमार ने आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव के दौरान टिकट देने के नाम पर तेजस्वी ने उनसे 5 करोड़ रुपए लिए थे, लेकिन पैसा लेने के बाद वो अपने वादे से मुकर गए। बाद में उन्हें विधानसभा में टिकट का लालच दिया गया। हालाँकि, बाद में फिर से उन्हें धोखे का ही शिकार होना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, संजीव कुमार को गोपालपुर और उनके भाई को रुपौली से टिकट देने का वादा किया गया था।

इस मामले में कॉन्ग्रेस नेता संजीव कुमार ने मीसा और तेजस्वी के साथ कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, सदानंद सिंह, राजेश राठौर समेत 6 लोगों पर उन्हें ठगने का आऱोप लगाया है। इस मामले में सीजेएम कोर्ट ने 16 सितंबर को पटना जिले के एसएसपी उपेंद्र शर्मा के जरिए पटना कोतवाली थाने में केस दर्ज करने का आदेश दिया।

ठगना तो आरजेडी की संस्कृति रही है

ठगी के मामले में केस दर्ज करने के आदेश के बाद बिहार सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री नितिन नवीन ने तेजस्वी यादव पर जुबानी हमला किया और कहा कि पैसे लेकर टिकट देने की आरजेडी पुरानी संस्कृति रही है। ठगना कोई नई बात नहीं है। मंत्री ने कहा कि ये शर्म की बात है, लेकिन जिस तरह के संस्कार तेजस्वी यादव को दिए गए है वो उनके ही अनुरूप काम कर रहे हैं। नितिन नवीन ने तेजस्वी से माफी की माँग की है।

By Desk

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