हिंदू महिलाओं ने सार्वजनिक जगह पर नमाज के विरोध में किया भजन-कीर्तन, बोले- खाली जमीन का मतलब यह नहीं कि कोई कब्जा कर ले

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चंडीगढ़| हरयाणा के गुरुग्राम शहर में सार्वजनिक जगहों पर नमाज अदा किए जाने पर पिछले कुछ दिनों से विरोध हो रहा है। गुरुग्राम सेक्टर 47 की हिन्दू महिलाएं 9 अक्टूबर को वह भी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनीं। उन्होंने खुने में नमाज का विरोध करते हुए भजन-कीर्तन और आरती की। इसके साथ ही वहाँ जमा हुए मुस्लिमों ने भी नमाज अदा की।

मिडिया जानकारी मुताबिक, गुरुग्राम न्यूज ने इसका वीडियो शेयर किया है जिसमें सेक्टर 47 में काफी भीड़ देखी जा सकती है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इलाके की हिंदू महिलाओं ने सार्वजनिक तौर पर होने वाली नमाज का विरोध किया। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला और पुरुष दोनों मौके पर नारे लगा रहे थे। कथित तौर पर, हिंदू महिलाओं ने मुस्लिमों द्वारा सार्वजनिक तौर पर किए जाने वाले नमाज के विरोध में ‘भजन’ और ‘कीर्तन’ किए। वह बैनर लेकर कम्युनिटी सेंटर से स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के सामने तक प्रदर्शन करते हुए आए। साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच नमाज भी अदा की गई।

वार्ड नंबर 29 के एमसीजी पार्षद कुलदीप यादव ने कहा कि वहाँ नमाज अदा करने के लिए किसी प्राधिकरण से अनुमति नहीं थी और स्थानीय लोग भी इसका विरोध कर रहे थे। यादव ने सवाल किया, “मस्जिद यहाँ से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है और वे वहाँ जा सकते हैं। सार्वजनिक स्थान पर कब्जा क्यों किया जा रहा है?”

सेक्टर 47 की एक महिला ने कहा कि जब तक यहाँ खुले में शुक्रवार को नमाज अदा करना बंद नहीं होता है तो वह भजन और आरती करना जारी रखेंगी। उन्होंने कहा, खाली जमीन का मतलब यह नहीं है कि कुछ लोग उस पर कब्जा कर सकते हैं। क्या वे हमें इस जमीन पर कुछ भी निर्माण करने देंगे? जवाब है- नहीं। विरोध में शामिल हुई एक अन्य महिला ने कहा कि वह किसी मजहब का विरोध करने के लिए नहीं, बल्कि सार्वजनिक जगह पर नमाज का विरोध करने के लिए आई हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने इलाके में सार्वजनिक तौर पर हो रहे नमाज क खिलाफ भारी विरोध-प्रदर्शन हुआ था। स्थानीय निवासियों ने अपने स्थान के आसपास मुस्लिम पुरुषों की भीड़ का विरोध किया और उन पर कानून-व्यवस्था तोड़ने का आरोप लगाया। बाद में गुरुग्राम पुलिस ने दावा किया था कि हिंदुओं और मुसलमानों के बीच आपसी चर्चा के बाद मुस्लिमों को सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ अदा करने की अनुमति दी गई थी। इसके बाद एक आरटीआई दायर किया गया।

गुरुग्राम जिला न्यायालय के वकील अभिषेक शर्मा ने आरटीआई दायर की थी। जिसमें ऐसे नमाज स्थलों और समुदायों के प्रतिनिधियों का विवरण माँगा, जो ‘आपसी समझौतों’ में शामिल थे। शर्मा ने जन सूचना अधिकारी को पत्र लिखकर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी जानकारी माँगी है। बाद में गुरुग्राम पुलिस ने उस ट्वीट को डिलीट कर दिया है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि सार्वजनिक स्थानों पर नमाज की अनुमति हिंदुओं और मुसलमानों दोनों के आपसी समझौते के बाद दी गई थी।

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