नई दिल्ली| सोनिया गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बैठक में साफ कहा कि मैं कांग्रेस की पूर्णकालिक और सक्रिय अध्यक्ष हूं। पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में संगठन चुनाव पर सोनिया गांधी ने कहा कि आज हमेशा के लिए स्पष्टता लाने का मौका है। उन्होंने पार्टी में जी-23 समूह को परोक्ष संदेश देते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि मैं हमेशा स्पष्टवादिता की सराहना करती हूं, मुझसे मीडिया के जरिए बात करने की आवश्यकता नहीं है, चलिए हम सब स्पष्ट चर्चा करें।

कांग्रेस संगठन चुनाव की तारीख का ऐलान

कांग्रेस में पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के लिए तारीख का ऐलान कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चुनाव कार्यक्रम के तहत कांग्रेस के नए अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरू हो जाएगी। अगले साल अक्टूबर तक कांग्रेस को नया पार्टी अध्यक्ष मिल जाएगा।

सेल्फ कंट्रोल और अनुशासन की जरूरत

सोनिया गांधी ने कहा कि जहां तक संगठन के चुनाव का मामला है, पूरा संगठन कांग्रेस का पुनरुद्धार चाहता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए एकता और पार्टी के हितों को सर्वोपरि रखने की जरूत है। सबसे बढ़कर इसमें स्व-नियंत्रण और अनुशासन की जरूरत है। सोनिया गांधी ने कहा कि हमने 30 जून तक कांग्रेस के नियमित अध्यक्ष के चुनाव के लिए एक रूपरेखा तय की थी लेकिन कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण इस समयसीमा को अनिश्चितकाल तक के लिए बढ़ा दिया गया।

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सोनिया गांधी के नेतृत्व पर सवाल नहीं

जी-23 धड़े के नेता गुलाम नबी आजाद ने आज साफ कहा कि हमें सोनिया गांधी पर पूरा भरोसा है। सीडब्ल्यूसी की बैठक में गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कोई भी सोनिया गांधी के नेतृत्व पर सवाल नहीं उठा रहा है। पिछले दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल ने सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने की मांग की थी। आजाद ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि पार्टी से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए कांग्रेस कार्य समिति की तत्काल बैठक बुलाई जाए। सिब्बल ने भी पार्टी की पंजाब इकाई में मचे घमासान के बीच पिछले दिनों पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस कार्य समिति की बैठक बुलाकर इस स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए और संगठनात्मक चुनाव कराए जाने चाहिए।

लखीमपुर की घटना बीजेपी की मानसिकता दर्शाती है

सोनिया गांधी ने कहा कि लखीमपुर खीरी में चौंकाने वाली घटनाएं भारतीय जनता पार्टी की मानसिकता दिखाती है कि वह किसानों के विरोध को कैसे लेती है। उन्होंने कहा कि विदेश नीति चुनावी लामबंदी का क्रूर हथियार बन गयी है। कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि हम सीमाओं पर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। बैठक में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई। इस दौरान बैठक में राहुल गांधी, वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, एके एंटनी, संगठन महासचिव वेणुगोपाल अंबिका सोनी, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिंदबरम भी मौजूद थे।

दशकों से निर्मित राष्ट्रीय संपत्तियों को बेचा जा रहा है

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हत्याओं में अचानक तेजी आई है। अल्पसंख्यकों को स्पष्ट रूप से निशाना बनाया गया है। इसकी कड़ी से कड़ी निंदा की जानी चाहिए। सोनिया गांधी ने कहा कि हमें यह विश्वास दिलाना है कि सरकारी प्रचार के बावजूद अर्थव्यवस्था बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। सरकार के पास आर्थिक सुधार के लिए एक ही उत्तर है कि वह दशकों से बड़े प्रयास से निर्मित राष्ट्रीय संपत्तियों को बेच रहा है।

यूथ कांग्रेस नेताओं की तारीफ की

सोनिया गांधी ने यूथ कांग्रेस और पार्टी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा, कि पिछले दो वर्षों में, बड़ी संख्या में हमारे सहयोगियों, विशेष रूप से युवाओं ने पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को लोगों तक ले जाने में नेतृत्व की भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि चाहे वह किसानों का आंदोलन हो, महामारी के दौरान राहत का प्रावधान हो, मुद्दों को उजागर करना हो।

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