ढाका| बांग्लादेश के नोआखाली इलाके में जुमे की नमाज के बाद 200 कट्टरपंथियों की भीड़ ने हिंदुओं के इस्कॉन मंदिर पर हमला कर इस्कॉन श्रद्धालु पार्थ दास की बर्बरता से हत्या कर दी। इस्कॉन ने अपने बयान में बताया कि पार्थ का शव मंदिर के पास तालाब में तैरता मिला। वहीं इस्‍कॉन से जुड़े राधारमण दास ने ट्वीट कर बताया कि पार्थ को बुरी तरह से पीटा गया था कि जब उनका शव मिला तो शरीर के अंदर के हिस्से गायब थे।

रामधरण दास के अनुसार, पार्थ केवल 25 साल के थे और कल से गायब थे। आज कुछ समय पहले उनका शव मंदिर के पास तालाब में मिला। उनके शरीर से अंग निकाल लिए गए थे। इससे पहले भीड़ द्वारा दो साधुओं की हत्या की बात सामने आई थी। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आश्वासन दिया था कि वो उपद्रवियों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई करेंगे। हालाँकि जानकारी के मुताबिक, देश के विभिन्न इलाकों में हिंसा अब भी जारी है। कट्टरपंथी कुरान के अपमान का आरोप लगाकर हिंदुओं को मार रहे हैं, उनके धार्मिक स्थलों पर, देवी-देवताओं की मूर्ति पर हमले हो रहे है और घरों को आग के हवाले किया जा रहा है।

बता दें कि सोशल मीडिया पर फैली जानकारी के अनुसार, कोमिला शहर में नानुआर दिघी झील के पास एक दुर्गा पूजा पंडाल में कुरान को कथित तौर पर अपवित्र किया गया था। इसी के बाद कट्टरपंथियों की भीड़ ने चांदपुर के हाजीगंज, चट्टोग्राम के बंशखली और कॉक्स बाजार के पेकुआ में हिंदू मंदिरों और पांडालों पर हमला किया था। कुछ जगह ये बात भी कही जा रही है कि कुरान का अपमान नहीं हुआ, कट्टरपंथी सिर्फ हिंदुओं को मारने के लिए कहानी गढ़ रहे हैं।

सिर्फ इस्कॉन मंदिर की बात करें तो वहाँ 500 के करीब दंगाइयों ने इकट्ठा होकर सिर्फ मंदिर में तोड़फोड़ नहीं की बल्कि श्रद्धालुओं के साथ भी मारपीट हुई और रेप जैसी घटनाओं को भी अंजाम दिया गया। इस्कॉन बांग्लादेश ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग को ट्वीट कर एक रेप की जानकारी दी जो की चांदपुर के हाजीगंज का मामला है। वहाँ मुस्लिम कट्टरपंथियों ने पूरे हिंदू परिवार का बलात्कार किया। पहले कट्टरपंथियों ने माँ का रेप किया, फिर उसकी बेटी का और फिर भतीजी का जो कि केवल 10 साल की थी।

ज्ञात हो कि इससे पहले दुर्गा पूजा के पंडालों पर हमले की खबरें बांग्लादेश से लगातार आ रही थीं। 10 अक्टूबर 2021 को बांग्लादेश के चटगाँव के फिरंगी बाजार इलाके में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने एक मंदिर पर हमला कर उसमें तोड़फोड़ की थी। इस्लामी चरमपंथियों ने श्री श्मशानेश्वर शिव विग्रह मंदिर की दुर्गा प्रतिमा को तोड़ दिया था। बांग्लादेश हिंदू एकता परिषद ने घटना की जानकारी देते हुए ट्वीट किया, “हमला सड़क पर उस समय हुआ जब चटगाँव के कोतवाली में पूजा मंडप में माँ दुर्गा की मूर्ति को प्रवेश कराया जा रहा था। पुलिस ने एक को गिरफ्तार किया है। चटगाँव में कोतवाली की सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।”

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