बीजापुर जिले में गुरुवार को नक्सलियों ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के सब इंजीनियर अजय रोशन लकड़ा और प्यून (चपरासी) लक्ष्मण परतगिरी का अपहरण कर लिया था। पूछताछ के बाद प्यून को तो शुक्रवार की रात रिहा कर दिया गया है, लेकिन सब इंजीनियर को अब भी नक्सलियों ने बंधक बना कर रखा है। देर रात प्यून सुरक्षित बीजापुर जिला मुख्यालय पहुंच गया है। प्यून काफी डरा हुआ है और कुछ बता नहीं पा रहा है। इधर, सब इंजीनियर की पत्नी अपने मासूम बेटे को लेकर बीजापुर के अंदरूनी इलाकों में उसे खोज रही है। पत्नी ने नक्सलियों से उसके पति को छोड़ देने की मांग की है।

शुक्रवार की शाम तक जब सब इंजीनियर अजय रोशन लकड़ा घर नहीं पहुंचे तो पत्नी अर्पिता खुद शनिवार की सुबह अपने 3 साल के बच्चे को लेकर जंगल में निकल गई है। अर्पिता ने कहा कि, मैं इस इलाके से अंजान हूं। पता नहीं है मुझे जाना कहां है। यही विनती कर रही हूं कि बस पति को किसी तरह से नक्सली छोड़ दें। अर्पिता ने नक्सलियों से अपील की है कि, मेरे पति निर्दोष हैं। वो बहुत सीधे इंसान हैं। उनकी मां भी बुजुर्ग है। मां समेत मेरे और बच्चे की देखभाल करने पति के अलावा और कोई नहीं हैं।

लंच करने आऊंगा कह कर निकले थे

अर्पिता ने बताया कि अंतिम बार गुरुवार की दोपहर पति से बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि अभी काम से जा रहा हूं। कुछ देर बार लंच करने आऊंगा। जब अर्पिता ने 1 बजे कॉल किया तो फोन बंद आया। 3 से 4 घंटे के बाद पता चला कि पति को नक्सली लेकर चले गए हैं। यह जानकारी भी उनके विभाग के अधिकारियों ने दी थी। जिसके बाद से पूरा परिवार घबराया हुआ है।

नक्सलियों ने प्यून को साइकिल देकर किया रिहा

बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने बंधक बनाए गए प्यून लक्ष्मण परतगिरी को साइकिल दी और कहा अब तुम जाओ। लक्ष्मण ने सब इंजीनियर को भी छोड़ने को कहा लेकिन नक्सली नहीं मानें। सूत्र बतातें हैं कि इन दोनों का अपहरण करने के बाद नक्सली इन्हें अलग-अलग जगहों पर बंधक बना कर रखे हुए थे।

सड़क निर्माण का जायजा लेने गए थे दोनों

बीजापुर जिले के धुर नक्सल प्रभावित इलाके गोरना गांव में करोड़ों रुपए की लागत से सड़क निर्माण का काम चल रहा है। यह इलाका पूरी तरह से नक्सलियों का गढ़ है। इसी सड़क निर्माण काम का जायजा लेने के लिए गुरुवार को PMGSY के सब इंजीनियर अपने साथ विभाग के प्यून को लेकर गए थे। यहीं से नक्सलियों ने दोनों का अपहरण किया था।

By Desk

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