जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने की 16 जगह रेड, 2 आतंकी ढेर, 700 लोगों को हिरासत में लेते हुए करवाई ज़ोरदार तरीके से जारी

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जम्मू| जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के ख़िलाफ़ चल रही कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को ढेर करना शुरू कर दिया है। 11 अक्टूबर 2021 सुबह-सुबह दो आतंकियों के मारे जाने की खबर आई। एक को अनंतनाग जिले के वेरीनाग इलाके में मारा गया और दूसरे को बांदीपोरा के शाहगुंड में खत्म किया गया। इसके अलावा, हालिया घटनाओं के मद्देनजर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी भी घाटी में ताबड़तोड़ रेड मार रही है। एक जिहादी मैग्जीन के पीछे ISIS टीम के हाथ को देखते हुए और IED बरामदगी मामले में उन्होंने 3 को गिरफ्तार कर लिया है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, अनंतनाग में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच रविवार देर रात हुई मुठभेड़ में एक अज्ञात आतंकी को मारा गया है। अभियान में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। कश्मीर जोन की पुलिस ने बताया कि आतंकियों के विरुद्ध ऑपरेशन अभी जारी है।

अनंतनाग के बाद बांदीपोरा में भी मुठभेड़ शुरू हो गई है। पुलिस ने बताया कि आज सुबह बांदीपोरा के हाजिन में मुठभेड़ शुरू हुई जिसमें एक आतंकी को मारा गया। इसकी पहचान इम्तियाज अहमद डार के रूप में हुई है। वो प्रतिबंधित आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट से जुड़ा था, जो लश्कर-ए-तैयबा का ही एक मोर्चा है। डार बांदीपोरा के शाहगुंड में हाल ही में नागरिकों की हत्या में शामिल था।

ISIS टीम द्वारा चलाई जा रही जिहादी मैग्जीन- वॉयस ऑफ हिंद, 3 गिरफ्तार


बता दें कि एक ओर जहाँ सुरक्षाबल लगातार आतंकियों के विरुद्ध अपने ऑपरेशन चलाकर उन्हें ढेर करने का काम कर रहे हैं। वहीं राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर में ऑनलाइन मैग्जीन वॉयस ऑफ हिंद चलाने वाली आईएसआईएस टीम की खोज में तमाम जगह छापेमारी की। सीआरपीएफ की मदद से केंद्र शासित प्रदेश की कई जगहों पर तलाशी ली गई। ये छापे श्रीनगर, अनंतनाग, कुलगाम और बारामूला में मारे गए।

कुल 16 जगहों पर छापेमारी हुई और 3 ISIS से जुड़े लोग अछवल और अनंतनाग से पकड़े गए। इनकी पहचान उमर निसार, तनवीर अहमद भट्ट और रमीज लोन के तौर पर हुई है। तीनों NIA की हिरासत में है। इनमें उमर निसार पर आरोप है कि उसने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को प्रेरित किया और ISIS/ISJK के लिए आतंकियों की भर्ती की।

सूत्रों ने बताया कि उमर के अफगानिस्तान आधारित ISIS से भी लिंक थे। वह भारत में आईएसआईएस आतंकवादियों और अफगान-पाक क्षेत्र में सक्रिय आईएसआईएस संचालकों के बीच एक कड़ी के रूप में काम करता था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरवरी 2020 से ISIS हर माह एक मैग्जीन वॉयस ऑफ हिंद पब्लिश करता था। इसे एक कॉम्प्लेक्स नेटवर्क के माध्यम से चलाया जाता था जिसमें नकली ऑनलाइन संस्थानएँ शामिल थीं और इन्होंने वीपीएन की मदद से अपनी असली पहचान छिपाई हुई थी। जाँच में भारतीय मोबाइल नंबर और फर्जी खातों के बीच लिंक मिले। अब एनआईए ने छापे मारते हुए डिजिटल डिवाइस जैसे मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, एसडी कार्ड आदि को जब्त कर लिया है।

J&K में 700 लोग हिरासत में


उल्लेखनीय है कि केंद्र शासित प्रदेश में पिछले हफ्ते गैर मुस्लिमों की हत्याओं के मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने श्रीनगर से 70 युवकों को पकड़ा है जबकि पूरे प्रदेश से हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 700 तक पहुँच गई हैं। ये कार्रवाई कुछ ही दिनों में की गई है। सुरक्षाबल लगातार इन हत्याओं के पीछे आतंकियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है। रविवार भी कुछ गिरफ्तारी हुई हैं। उन सबके ख़िलाफ़ एक्शन लिया जा रहा है जिनके प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष आतंकियों या उनके संगठनों से लिंक हैं।

कश्मीर घाटी में पिछले दिनों आतंकियों ने 5 दिन में 7 लोगों की हत्या की थी। इनमें दो शिक्षक भी थे जिनकी आईडी देखने के बाद उन्हें मारा गया और बाकी के जितने मुस्लिम शिक्षक थे उन्हें छोड़ दिया गया। इन घटनाओं ने घाटी के लोगों में डर भर दिया था इसी कारण प्रशासन ने इन्हें राहत देने के लिए 10 दिन की आधिकारिक छुट्टी का ऐलान किया और आतंकियों के विरुद्ध अपनी कार्रवाई को रफ्तार दी।

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