मंत्रालय में काम करने वाले एक सरकारी कर्मचारी अपने बेटे और बेटी की हत्या कर दी। इसके बाद वो खुद पांचवें माले की इमारत से कूद गया। नीचे गिरने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना नया रायपुर की है। यहां सेक्टर 27 में बने रिहायशी फ्लैट्स में परिवार के साथ कर्मचारी रहता था। फिलहाल सामने आ रही जानकारी के मुताबिक पारिवारिक कलह से परेशान होकर कर्मचारी ने ये कदम उठाया।

सोमवार सुबह पंचायत विभाग में काम करने वाले झंकार भास्कर (32) ने सबसे पहले अपनी पत्नी सुप्रिता भास्कर पर हथौड़े से वार किया इस हमले में सुप्रिता गंभीर रूप से घायल हैं। इसके बाद आरोपी ने अपने 3 साल के बेटे अंशु उर्फ एहान भास्कर और 7 साल की बेटी परी उर्फ अनीता भास्कर के सिर पर हथौड़ा मारकर उनकी हत्या कर दी और खुद छठवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने महिला सुप्रिता भास्कर को अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

पिछले महीने हुई मौत से जुड़ा है मामला

पिछले महीने रायपुर के रेलवे स्टेशन में मंत्रालय के एक कर्मचारी संतोष कंवर की कार के अंदर लाश मिली थी। वह झंकार का ही सहकर्मी था। झंकार के साथ संतोष पिकनिक मनाने बिलासपुर गया हुआ था। जब यह लोग रायपुर लौटे तो संतोष ने अपनी कार के स्टेशन में पार्क की और यही आराम करने लगा, कुछ ही देर में संतोष की मौत हो गई थी।

रेलवे पुलिस लगातार झंकार और उसके कुछ साथियों को पूछताछ के लिए बुलाती थी। सुप्रिता अक्सर झंकार को ताना दिया करती थी की हो ना हो उसी ने संतोष की जान ली होगी। दरअसल, पत्नी का यह दावा इस वजह से था क्योंकि कुछ साल पहले झंकार के भाई ने अपनी पत्नी की हत्या की थी और अब वह जेल में है। पत्नी अक्सर झंकार को खूनी खानदान से होने का ताना दिया करती थी।

सुसाइड नोट में बताई बच्चों को मारने की मजबूरी

मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें झंकार ने लिखा है कि पत्नी अक्सर जेल में बंद भाई का ताना देकर परिवार के खिलाफ बातें किया करती थी, जो कतई पसंद नहीं था। इसी बात को लेकर रविवार रात भी दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद झंकार ने यह कदम उठाया। झंकार ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं जानता हूं बिना मां बाप के बच्चों की जिंदगी कैसी होती है, मैंने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है और खुद भी जान दे रहा हूं । ऐसे में मजबूरी के चलते अपने बच्चों की भी हत्या करनी पड़ रही है, ताकि उन्हें आगे एक बुरी जिंदगी ना बितानी पड़े। मैं इसके लिए माफी चाहता हूं मुझे माफ कर दे।

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