जगदलपुर से बस्तर दशहरा के लिए रवाना हुई माँ दंतेश्वरी की डोली : श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, जवानों ने हर्ष फायर कर दी सलामी, पूर्व मंत्री, MLA और कलेक्टर ने भी की पूजा-अर्चना

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बस्तर| विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिए परंपरा अनुसार अष्टमी के दिन बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की डोली एवं छत्र को जगदलपुर के लिए रवाना किया गया है। दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में स्थित मां दंतेश्वरी के मंदिर से मां की डोली व छत्र को पुजारियों ने पूरे विधि-विधान से मंदिर के बाहर लाया। जिसके बाद पुलिस जवानों ने हर्ष फायर कर माता को सलामी दी। मां की डोली व छत्र की नगर परिक्रमा भी करवाई गई। माता के दर्शन करने के लिए भक्तों का जबरदस्त हुजूम उमड़ पड़ा।

इधर, छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री व भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता केदार कश्यप समेत स्थानीय विधायक देवती कर्मा, दंतेवाड़ा कलेक्टर दीपक सोनी, SP डॉ अभिषेक पल्लव ने भी डोली व छत्र की रानी बगीचा में विधि-विधान से पूजा अर्चना की। इसके बाद माता की डोली को रवाना किया गया। माता की डोली व छत्र के साथ मंदिर समिति व जिला प्रशासन के लगभग 50 से ज्यादा सदस्य भी जगदलपुर के लिए रवाना हुए हैं। जिन-जिन शहरों व गावों से होकर माता की डोली गुजरेगी वहां स्थानीय प्रशासन सड़कों की सफाई व धुलाई करवा रहा है।

पंचमी के दिन बस्तर राजा ने दिया था निमंत्रण

अष्टमी के दिन ही माता की डोली व छत्र को बस्तर दशहरा के लिए रवाना किया जाता है। यह परंपरा सालों से चली आ रही है। इससे पहले शारदीय नवरात्र के पंचमी के दिन बस्तर राजा कमलचंद भंजदेव समेत राजपरिवार के सदस्य जगदलपुर से दंतेवाड़ा में स्थित माता के दरबार पहुंचते थे। जिन्होंने माता के प्रमुख पुजारी के रूप में पहले आराध्य देवी की पूजा अर्चना की। फिर मां दंतेश्वरी और मां मावली को बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया था।

गुरुवार को जगदलपुर पहुंचेगी डोली

माता की डोली व छत्र गुरुवार को जगदलपुर पहुंचेगी। जहां बस्तर के राजा कमलचंद भंजदेव व स्थानीय प्रशासन के द्वारा माता की डोली का स्वागत किया जाएगा। इस मौके पर बस्तर के सभी समाज के लोग भी उपस्थित रहेंगे। वहीं प्रशासन के द्वारा माता की डोली के स्वागत की पूरी तैयारियां भी कर ली गई है।

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