एमबीए,किसान,मौलाना,फल कारोबारी सब निकले आतंकी, दिल्ली पुलिस ने 6 आतंकियों को पकड़ कर किया पाक मॉड्यूल का भंडाफोड़

CRIME INTERNATIONAL NATIONAL

दिल्ली| देश में आने वाले त्योहारों के दौरान धमाके कराने की पाकिस्तानी साजिश से हुआ पर्दाफाश| दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 14 सितंबर को पाकिस्तान के आंतकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें 2 आतंकी ऐसे भी थे जिन्हें पाकिस्तान में ही ट्रेनिंग दी गई थी। इन 6 की पहचान महाराष्ट्र के जन मोहम्मद शेख, दिल्ली के ओसामा समी, राय बरेली के ओसामा मूलचंद, प्रयागराज के जीशान कमर, लखनऊ के मो आमिर जावेद और अबू बकर के तौर पर हुई है। इनमें जीशान और ओसामा वह हैं जिन्हें पाकिस्तान में प्रशिक्षित किया गया। जीशान को प्रयागराज से पकड़ा गया। छानबीन में सामने आया कि वो एमबीए कर चुका है और दुबई में अकॉउंटेंट की जॉब करता था। कोरोना के कारण लॉकडाउन में वह घर लौटा और खजूर का बिजनेस शुरू कर दिया।

इनमें जन मोहम्मद शेख उर्फ समीर कालिया लंबे समय से मुंबई पुलिस की नजर में था। पेशे से ड्राइवर शेख को 2001 में एक केस में गिरफ्तार भी किया गया था। ऐसे ही लखनऊ से पकड़ा गया मोहम्मद आमिर जावेद, जीशान का रिश्तेदार था और पेशे से एक मजहबी उलेमा था। मूलचंद के बारे में बताया जा रहा है कि वो एक किसान था और दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी के कॉन्टैक्ट में था। मो अबू बकर बहराइच निवासी था, लेकिन जेद्दाह में रहता था। उसने 2013 में देवबंद के मदरसे से तालीम ली थी। ओसामा का परिवार मेवों का बिजनेस करता था, जिसके चलते वह कई बार मिडल ईस्ट देशों में जाता रहता था। पुलिस बताती है कि वह मस्कट गया था और पानी के रास्ते पाकिस्तान पहुँचा था।

पाक मॉड्यूल का हुआ भंडाफोड़

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने इन गिरफ्तारियों के संबंध में बयान जारी करते हुए बताया, “हमने एक समीर को कोटा से गिरफ्तार किया है। 2 लोग दिल्ली से पकड़े गए हैं और तीन लोग उत्तर प्रदेश से पकड़े गए हैं।” स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी नीरज ठाकुर ने बताया, “गिरफ्तार लोगों ने कहा है कि उनके समूह में 14-15 बांग्ला भाषी व्यक्ति थे जिन्हें शायद इसी तरह के प्रशिक्षण के लिए लिया गया था। ऐसा लगता है कि इस ऑपरेशन को सीमा पार से बारीकी से कॉर्डिनेट किया गया था।”

इस पूरे मामले में आरोपित जन मोहम्मद शेख, ओसामा मूलचंद और मोहम्मद अबू बकर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। दो अन्य आरोपित भी कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजे जाएँगे। जाँच में पता चला है कि संदिग्ध आतंकियों कोदा गाजी नाम के एक मेजर या लेफ्टिनेंट रैंक के अधिकारी के अंतर्गत प्रशिक्षित किया गया था। इनमें दो सब ऑर्डिनेट्स थे जिनका नाम जब्बार और हमजा है| पकड़े गए आतंकियों के निशाने पर 6 राज्यों के 15 शहर थे। नवरात्रि और रामलीला के दौरान भीड़भाड़ में हमलों को अंजाम देने की इनकी प्लानिंग थी। कुछ नामचीन भी इनके निशाने पर थे। इनके पास से विस्फोटक भी मिले हैं। यह बात भी सामने आई है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस इसके लिए फंड मुहैया करा रहा था। इस बड़े आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने रची थी।

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