तेलंगाना में मुस्लिम भीड़ ने दलित युवक की बाइक पर मुस्लिम महिला को देख ग़ुस्साए, अगवा कर युवक को किया टॉर्चर: कागजात लेकर जा रहे थे अस्पताल

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हैदराबाद| तेलंगाना के निजामाबाद जिले में मुस्लिम भीड़ द्वारा हिंदू युवक के साथ मार-पीट करने की घटना सामने आई है| मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुस्लिम भीड़ ने सिर्फ इसीलिए एक हिन्दू युवक की पिटाई कर दी, क्योंकि वो मुस्लिम महिला के साथ घूम रहा था। वह जोर-जबरदस्ती से ऐसा नहीं कर रहा था बल्कि हिन्दू युवक व मुस्लिम महिला स्वेच्छा से एक-दूसरे के साथ घूम रहे थे। युवक बाइक चला रहा था और महिला उसके पीछे बैठी थी। उक्त हिन्दू युवक का मुस्लिम गुंडों ने अपहरण भी कर लिया और उसकी पिटाई की। यह दोनों ही निज़ामाबाद में स्थित ट्रिपल आईटी बसारा में कार्यरत हैं। 8 सितंबर, 2021 को दोनों एक बाइक से निज़ामाबाद के सरकारी अस्पताल में जा रहे थे। तभी पाँच मुस्लिम युवकों ने उन्हें घेर लिया। ये पाँचों एक कार से जा रहे थे, तभी उन्होंने इन दोनों को बाइक से आते देखा और उन्हें घेर लिया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें पाँचों मुस्लिम गुंडों को उक्त हिन्दू युवक की पिटाई करते हुए देखा जा सकता है।

इसके बाद उक्त हिन्दू युवक का अपहरण कर लिया गया और उसे एक मुस्लिम बहुल इलाके में ले जाया गया। वहाँ उसे कई घंटों तक न सिर्फ बंधक बना कर रखा गया, बल्कि लगातार पिटाई भी की गई। ये दोनों अस्पताल में कुछ डॉक्युमेंट्स लेने जा रहे थे। दोनों की सैलरी आ गई थी, जिसे उठाने के लिए उन्हें उन डॉक्युमेंट्स की आवश्यकता थी, इसीलिए वो ट्रिपल आईटी बसारा से सरकारी अस्पताल जा रहे थे।

‘विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी)’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस घटना का वीडियो साझा करते हुए टिप्पणी की, “हिन्दू लड़के के साथ मुस्लिम लड़की को देखते ही बौखलाए कट्टरपंथियों ने हिन्दू युवक को बेरहमी से पीटा। वीडियो वायरल। किन्तु, तेलंगाना पुलिस-प्रशासन, सेक्युलर व जिहादी नेताओं के साथ-साथ ईसाई-वामपंथी गिरोह को साँप सूँघ गया?” सारे आरोपित तेलंगाना के भैंसा शहर के रहने वाले हैं।’

अंत में उक्त मुस्लिम महिला के भाई ने घटनास्थल पर जाकर आरोपितों को समझाया कि उसने ही अपनी बहन को युवक के साथ बाइक से भेजा था, ताकि वो डॉक्युमेंट्स लेकर वापस आए। इसके बाद ही आरोपितों ने युवक को छोड़ा। इस घटना के 3 दिन बाद 11 सितंबर को ये मामला पुलिस के संज्ञान में आया, जिसके बाद ‘भारतीय दंड संहिता (आईपीसी)’ की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।

एफआईआर में आईपीसी की धारा-295A (भारत के नागरिकों के किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के विमर्शित और विद्वेषपूर्ण आशय से उस वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान) और धारा-365 (किसी व्यक्ति का गुप्त और अनुचित रूप से सीमित/क़ैद करने के आशय से व्यपहरण या अपहरण करना) के साथ-साथ एसी / एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया, क्योंकि पीड़ित दलित समुदाय से आता है।

मिली जानकारी में पुलिस ने बताया है कि वो मामले की जाँच कर रही है और अब तक पाँच में से चार आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन चारों को फ़िलहाल न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस दो अन्य आरोपितों की भी तलाश कर रही है, क्योंकि आशंका है कि पूरे घटनाक्रम में कुल 6 लोग शामिल थे। भैंसा शहर इससे पहले भी दंगा पीड़ित रहा है और कई बार यहाँ हिन्दुओं की संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया जा चुका है।

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