कुख्यात नक्सली प्रशांत बोस उर्फ किशन दा उर्फ बूढ़ा और उसकी पत्नी शीला मरांडी समेत 6 माओवादियों को झारखण्ड पुलिस ने जेल भेज दिया है। झारखंड पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए एक करोड़ के इनामी नक्सली प्रशांत बोस ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। झारखण्ड पुलिस के मुताबिक, बूढ़ा भीमा कोरेगाँव हिंसा और PM नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने में भी शामिल था। NIA की चार्जशीट में माओवादी प्रशांत बोस का भी नाम आया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बोस ने झारखण्ड पुलिस के सामने खुद स्वीकार किया कि PM मोदी की हत्या की साजिश हो या फिर छत्तीसगढ़ के झीरम घाटी में हमला हर साजिश का मास्टरमाइंड वही है।

वहीं नक्सली प्रशांत बोस (किशन दा) और उसकी नक्सली पत्नी शीला मरांडी की गिरफ्तारी के विरोध में माओवादी संगठनों ने 15 नवंबर से 19 नवंबर तक प्रतिरोध दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है। इसके साथ ही 20 नवंबर को भारत बंद का अह्वान किया है।

गौरतलब है कि रविवार को झारखंड पुलिस के डीजीपी नीरज सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशांत बोस की गिरफ्तारी से संबंधित खुलासे किए, “करीब 50 साल से सक्रिय एक करोड़ के इनामी नक्सली प्रशांत बोस उर्फ किशन दा को आखिरकार पकड़ लिया गया है। किशन दा को झारखंड पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही किशन दा की पत्नी शीला मरांडी को भी पकड़ लिया गया है। किशन दा पर एक करोड़ का इनाम घोषित किया गया था।”

वहीं नक्सली प्रशांत बोस (किशन दा) और उसकी नक्सली पत्नी शीला मरांडी की गिरफ्तारी के विरोध में माओवादी संगठनों ने 15 नवंबर से 19 नवंबर तक प्रतिरोध दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है। इसके साथ ही 20 नवंबर को भारत बंद का अह्वान किया है।

गौरतलब है कि रविवार को झारखंड पुलिस के डीजीपी नीरज सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशांत बोस की गिरफ्तारी से संबंधित खुलासे किए, “करीब 50 साल से सक्रिय एक करोड़ के इनामी नक्सली प्रशांत बोस उर्फ किशन दा को आखिरकार पकड़ लिया गया है। किशन दा को झारखंड पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही किशन दा की पत्नी शीला मरांडी को भी पकड़ लिया गया है। किशन दा पर एक करोड़ का इनाम घोषित किया गया था।”

झारखण्ड पुलिस ने प्रशांत बोस के अपराधों का काला चिठ्ठा खोलते हुए बताया कि बोस पूर्वी सिंहभूम में सांसद सुनील महतो हत्याकांड, 2004 में गिरिडीह में गृह रक्षा वाहिनी का शास्त्रागार लूटने और पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा की हत्या का भी मास्टरमाइंड है। इसके अलावा सारंडा में 16 पुलिसकर्मियों की हत्या, बिहार का जहानाबाद जेल ब्रेक, महाराष्ट्र का भीमा कोरेगाँव हिंसा और छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में डेढ़ दर्जन से अधिक जवानों के बलिदान के पीछे भी प्रशांत बोस उर्फ किशन दा की ही साजिश थी।

रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड के DGP ने मीडिया को बताया, “बोस की गिरफ्तारी सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि सभी नक्सल प्रभावित राज्यों के लिए ऐतिहासिक है। वह शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ है। बोस पर अकेले झारखंड में 50 केस दर्ज हैं।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नक्सल सेंट्रल कमिटी के सबसे ताकतवर सदस्यों में से एक प्रशांत बोस को झारखण्ड पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त अभियान में सरायकेला के कांड्रा इलाके से 12 नवंबर को ही गिरफ्तार कर लिया था। प्रशान्त बोस के साथ उनकी पत्नी शिला मरांडी और अन्य 4 अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया। इनके पास से मोबाइल एसडी कार्ड, पेन ड्राइव सहित अन्य सामान भी बरामद हुए थे। बताया जा रहा है कि बरामद पेन ड्राइव और एसडी कार्ड में नक्सलियों के द्वारा अंजाम दिए गए तमाम घटनाओं का जिक्र है तो वहीं आने वाले दिनों में संगठन किस तरह से काम करेगा इसकी भी पूरी जानकारी पुलिस के हाथ लगी है।

By Desk

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