कुशीनगर| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Pm Narendra Modi) ने बौद्ध तीर्थस्थलों को दुनियाभर से जोड़ने की कोशिश के तहत उत्तर प्रदेश में बनाए गए कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Kushinagar International Airport) का बुधवार को उद्घाटन किया. अब उत्तर प्रदेश पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला राज्य बन गया है. इसके अलावा पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के अपने दौरे में वहां विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया. उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं.

कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पूर्वांचल का दूसरा, यूपी का तीसरा ऑर देश का 87वां लाइसेंसी इंटरनेशनल एयरपोर्ट है.

●उत्तर प्रदेश में अब तक केवल दो ही शहरों में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ,लखनऊ के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट (अमौसी हवाई अड्डा) ऑर लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा वाराणसी (बाबतपुर एयरपोर्ट) से ही अंतर्राष्ट्रीय उ़ड़ानों का संचालन किया जाता है.

●कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पर्यटन की संभावनाएं बढ़ेंगी.

●दुनिया भर के बौद्ध देशों के अनुयाइयों में कुशीनगर बौद्ध महापरिनिर्वाण स्थल की विशेष महत्ता है.

●श्रीलंका, म्यामांर, थाईलैंड, लाओस,कम्बोडिया, वियतनाम,इंडोनेशिया, मलेशिया, ताइवान, हांगकांग देशों में बौध्द अनुयायियों की बड़ी संख्या है.

● आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा समय में कुशीनगर बौद्ध सर्किट में करीब 65 हजार पर्यटक वर्ष भर आते हैं.
इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू हो जाने से यहां पर्यटकों की संख्या में असीम वृद्धि होने की उम्‍मीद है.

●कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरु होने के बाद यहां पर्यटन के विकास की संभावनाएं भी बढ़ जाएंगी.विश्व पर्यटन के मैप पर बुद्ध स्थली का दबदबा और हो जाएगा. साथ ही दुनिया भर के पर्यटकों का इसके लिए लगाव और आकर्षण बढ़ जाएगा.

●कुशीनगर – बौद्ध हेरिटेज सर्किट -कुशीनगर के टॉप 7 पर्यटन स्थल में से एक है.

●महापरिनिर्वाण मंदिर- महापरिनिर्वाण मंदिर खंडहरों में स्थित है जो विभिन्न प्राचीन मठों की स्थापना करता है जिन्हें 5 वीं शताब्दी ईस्वी के दौरान स्थापित किया गया था. यह मंदिर भगवान बुद्ध की 6.10 मीटर लंबी मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है.अनूठी डिज़ाइन वाले महापरिनिर्वाण मंदिर में लेटे हुए बुद्ध की विशालकाय मूर्ति है.यह मूर्ति 1876 की खुदाई में प्राप्त हुई थी.खंडहरों में शिलालेखों के अनुसार, भगवान बुद्ध के अवशेष यहां जमा किए गए हैं.

●कुशीनगर संग्रहालय- यह संग्रहालय 1992-93 के दौरान जनता के लिए खोला गया था और कुशीनगर में पाए गए विभिन्न पुरातात्विक खुदाई की विशेषता है. कुशीनगर संग्रहालय में मूर्तियों, मुहरों, सिक्कों और बैनरों और विभिन्न पुरातनताओं की एक विस्तृत विविधता जैसे विभिन्न कलाकृतियों का घर है. भगवान बुद्ध की स्टुको मूर्ति एक हड़ताली गंधरा शैली में निर्मित संग्रहालय के प्रमुख आकर्षणों में से एक है.

●रामभर स्तूप -रामभर स्तूप वह स्थान हैं जहां भगवान बुद्ध को महापरिनिर्वाण या अंतिम ज्ञान प्राप्त हुआ था. कुशीनगर में 15 मीटर ऊंचा यह स्तूप प्रमुख आकर्षणों में से एक है. स्तूप बौद्धों के लिए भी सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है

●वाटथई मंदिर या “थाई वाट”- यह विस्तृत प्रांगण वाला मंदिर विशेष तौर पर थाई-बौद्ध स्थापत्य शैली में बनाया गया है. इसका निर्माण 1994 में बौद्धों द्वारा दी गई दानराशि से किया गया. इस मंदिर के प्रांगण में की गई बागबानी बहुत ही मनोरम है

●निर्वाण स्तूप- 2.74 मीटर ऊंचे इस स्तूप की खोज का श्रेय कार्लाइल को जाता है. इस स्थान से तांबे का एक पात्र मिला है. इस पर प्राचीन ब्राह्मी लिपि में लिखा है कि इसमें महात्मा बुद्ध के अवशेष रखे गए थे.

●सूर्य मंदिर-सूर्य भगवान को समर्पित मंदिर गुप्त काल के दौरान बनाया गया था , यह मंदिर सूर्य भगवान की मूर्ति के लिए मशहूर है जिसे एक विशेष काला पत्थर (नीलमनी स्टोन) से बना था. माना जाता था कि मूर्ति 4 वीं और 5 वीं शताब्दी के बीच हुई खुदाई के दौरान पाई गई थी.

●सबसे नया स्पॉट-कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली फ्लाइट श्रीलंका से आई. इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो गया. इसमें श्रीलंका से डिलगेशन भी आया. कुशीनगर में पूजन के बाद इसी जहाज से यह डिलगेशन वापस श्रीलंका रवाना होगा.

By Desk

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