बिजली संकट : छत्तीसगढ़ के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी बोले – कोल प्रोडक्शन बढ़ा रहे, अब स्थिति नियंत्रण में है; किसी भी कीमत पर देश में बिजली संकट नहीं होने देंगे

CHHATTISGARH NATIONAL

रायपुर| देश में कोयले की कमी से आए बिजली संकट की खबरों के बीच केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी बुधवार को बिलासपुर पहुंचे। उनके साथ कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल भी आए हैं। दोनों एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से कोरबा चले गए। छत्तीसगढ़ की 41 खदानों से कोल इंडिया की कंपनी SECL कोयला निकालती है। यह देश से निकलने वाले कोयले का 20 फीसदी है। 150 लाख मीट्रिक टन कोयले का सालाना उत्पादन होता है। कोरबा जिले की ही खदानों से SECL 130 लाख मीट्रिक टन कोयला निकालती है।

कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने मीडिया से बात नहीं की। कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वे कोयला उत्पादन बढ़ाने को लेकर मंथन करेंगे और कोरबा में अधिकारियों की बैठक लेकर उत्पादन की समीक्षा करेंगे। इस समय देश में डिमांड बढ़ गई है और बारिश के कारण खदानों से कोयला निकालने में परेशानी हो रही थी, इसलिए ऐसी स्थिति थी, लेकिन अब हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा कि इस समय बिजली कंपनियों की डिमांड 1.1 मिलियन टन है, लेकिन हम आज की तारीख में ही 2 मिलियन टन का प्रोडक्शन करने लगे हैं।

मंत्री जोशी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (SECL) के मेगा प्रोजेक्ट दीपका, गेवरा व कुसमुंडा खदान का दौरा करेंगे। कोयला मंत्री जोशी अधिकारियों की बैठक के बाद दोपहर 2:30 बजे वापस गेवरा से बिलासपुर आएंगे। फिर तीन बजे बिलासपुर से विशेष विमान से रांची के लिए रवाना होंगे।

कोरोना काल में बिजली की खपत कम होने से घटा उत्पादन

देश में कोयला संकट गहराने का प्रमुख कारण कोरोना काल में उत्पादन कम करने को माना जा रहा है। अफसर बताते हैं कि जिन राज्यों को SECL द्वारा कोयला उपलब्ध कराया जाता है उन राज्यों ने बिजली उत्पादन कम होने के कारण कोल इंडिया से कोयला लेने में आनाकानी की। उनके द्वारा कोयला खरीदी के अनुबंधों का भी नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके चलते SECL को उत्पादन घटाना पड़ गया।

नहीं मिला हेलिकॉप्टर, सड़क के रास्ते गए कोरबा

केंद्रीय मंत्री को हेलिकॉप्टर से बिलासपुर से कोरबा जाना था। लेकिन, उनको हेलिकॉप्टर नहीं मिल पाया, इसलिए उन्हें सड़क के रास्ते कोरबा जाना पड़ा। उनके आधिकारिक कार्यक्रम में हेलिकॉप्टर से कोरबा पहुंचने और खदानों का दौरा करके वापस बिलासपुर व रांची जाने का कार्यक्रम तय हुआ था। ऐसी स्थिति में अब उनका शेड्यूल लेट हो गया। अब मंत्री बुधवार रात को बिलासपुर में ही रुकेंगे।

कोयला मंत्री से मिलने पहुंचे भाजपा नेता

बिलासपुर के चकरभाठा एयरपोर्ट पर प्रह्लाद जोशी से मिलने सांसद अरुण साव, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, महामंत्री भूपेंद्र सवन्नी, महिला आयोग की सदस्य हर्षिता पांडेय, विधायक डाक्टर कृष्णमूर्ति बांधी, रजनीश सिंह समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे। इन्होंने जोशी का स्वागत किया और छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर चर्चा की।

केंद्र सरकार का बयान विरोधाभासी

प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि केंद्र सरकार का बयान विरोधाभासी है। एक तरफ केंद्रीय कोयला मंत्री कह रहे हैं कि देश में कोयले की कोई कमी नहीं है। वहीं दूसरी तरफ विभिन्न राज्यों में पावर प्लांट बंद करना पड़ रहा है। ऐसे में कोयला मंत्री आज छत्तीसगढ़ आए हैं और कोरबा भी जा रहे हैं।

सीएम भूपेश बघेल बुधवार को महामाया नगरी रतनपुर पहुंचे। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए देश में कोयला के उत्पन्न हुए संकट पर उन्होंने कहा कि देश में जो भी स्थिति हो हमारे राज्य में कोयले के उत्पादन व परिवहन में कमी नहीं होगी। इसके लिए उन्होंने SECL के अफसरों के साथ ही रेलवे के अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि कोयले की आपूर्ति व परिवहन में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। इससे पहले सीएम बघेल ने महामाया देवी मंदिर में विधि विधान के साथ मां महामाया देवी की पूजा अर्चना की और माता का आशीर्वाद लिया।

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