रायपुर| रायपुर शहर के WRS कॉलोनी मैदान में दशहरा का पर्व मनाया गया। छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा रावण का पुतला यहीं जलाया जाता है। इस बार 51 फीट के दशानन का पुतला जलाया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंच से रिमोट का बटन दबाया और आतिशबाजी के बीच रावण का पुतला जल उठा। लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान भगवान राम को छत्तीसगढ़ का भांचा (भांजा) बताया। उन्होंने भांचा रामचंद्र की जय का जयकारा भी लगाया।

बघेल अपने संबोधन में कहा कि रावण का हम ऊंचा पुतला इस वजह से बनाते हैं ताकि यह बता सकें कि बुराई कितनी भी ऊंची और बड़ी क्यों ना हो उसका पतन जरूर होता है। कोई व्यक्ति कितना शक्तिशाली हो, विद्वान हो, लेकिन उसके अंदर अहंकार, बुराई हो, तो उसका अंत निश्चित है। इसी वजह से हम अपने बच्चों को लेकर दशहरा मैदान में आते हैं उन्हें सीख देते हैं। दशहरा का पर्व हम अंधकार पर प्रकाश की जीत के तौर पर मनाते हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ से भगवान राम का विशेष नाता और लगाव रहा है। नाता इसलिए क्योंकि यह राज्य दक्षिण कौशल कहलाता था। मां कौशल्या यहीं की थीं और उन्होंने भगवान राम को जन्म दिया। भगवान राम को छत्तीसगढ़ भांजा मानता है। इसलिए यहां मामा अपने भांजों के पैर छूते हैं। भगवान राम को छत्तीसगढ़ से लगाव था तभी उन्होंने वनवास के 10 साल यहां बिताए। वो चाहते तो कहीं और भी जा सकते थे। हम राम राम वन गमन पथ को देशभर में एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने का काम भी कर रहे हैं।

1500 पुलिस जवानों की सुरक्षा में इन जगहों पर भी मना दशहरा

रायपुर के बीटीआई ग्राउंड, रावण भाटा मैदान के अलावा लगभग 20 से अधिक जगहों पर रावण दहन किया गया। रायपुर के एसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि इस मौके पर सुरक्षा के लिहाज से 15 जवानों की तैनाती की गई थी। सभी जगह सुरक्षित ढंग से लोग त्योहार मना सकें इसका ध्यान रखा। 80 से अधिक पेट्रोलिंग टीमें लगातार निगरानी में लगी हुई थीं।

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