भाठागांव में नए बस टर्मिनल के अगस्त में हुए लोकार्पण के बाद पंडरी स्टैंड से बस ऑपरेटरों की शिफ्टिंग और शहर में बसों के घुसने पर रोक की नई तारीख 15 नवंबर आई है। दरअसल प्रशासन ने बुधवार को नए टर्मिनल से एक-एक कर 32 बसें जगदलपुर रूट पर पचपेड़ीनाका तक तथा 33 बसें भिलाई रूट पर टाटीबंध की ओर रवाना की थी, ताकि टर्मिनल से बसों के शहर से बाहर निकलने में आने वाली दिक्कतों को चेक किया जा सके।

दोनों ही सड़कों से बसें बिना किसी बाधा के औसतन 30-30 मिनट में टर्मिनल में लौटने लगीं। इस आधार पर ट्रायल सफल करार दिया गया। इसके बाद उच्चपदस्थ सूत्रों ने संकेत दिए कि प्रशासन शहर में बसें बैन करने का आदेश 12 नवंबर निकालेगा। उस तारीख से शिफ्टिंग के लिए ऑपरेटरों को रविवार तक यानी दो दिन दिए जाएंगे। 15 नवंबर से तमाम बसें पंडरी के बजाय नए टर्मिनल से छूटेंगी। पुलिस अफसरों के मुताबिक इसी तारीख से जो भी बस शहर में मिलेगी, उसे जब्त कर लिया जाएगा।

ट्रायल के दौरान रोड इंजीनियरिंग और कहीं-कहीं जाम से दिक्कत

नए टर्मिनल से शाम 5 बजे पहली बस पचपेड़ी नाका के लिए निकली। इसके बाद एक-एक कर 31 बसों को छोड़ा गया। भाठागांव से पचपेड़ी नाका की दूरी लगभग ढाई किलोमीटर है। टर्मिनल से निकलकर बस भाठागांव चौक गई, जहां ट्रैफिक दबाव से सामना हुआ। पुलिस ने एक ओर ट्रैफिक रोका, तब बसें बढ़ीं और सर्विस रोड से होकर रिंग रोड-1 पर आ गईं।

संतोषीनगर ब्रिज पार करने के बाद बस फिर सर्विस रोड पर उतरी तो थोड़ा जाम लगा और बस फिर पचपेड़ी नाका ब्रिज के नीचे करीब 5 मिनट फंसी। वहां से बसें इसी मार्ग से भाठागांव लौटीं। सर्विस रोड पर ही दिक्कत सबसे ज्यादा थी, क्योंकि दोनों ओर गाड़ियां पार्क थीं। हर 100 मीटर पर बिजली खंभे और ट्रांसफार्मर से व्यवधान हुआ लेकिन बिना किसी बड़ी दिक्कत के बसें भाठागांव टर्मिनल लौट आईं।

सर्विस रोड के बिजली खंभे बड़ी बाधा, हटाएंगे

पुलिस ने बताया कि ट्रायल के दौरान सर्विस रोड पर बिजली खंभे और ट्रांसफार्मर सबसे बड़ी बाधा के रूप में सामने अाए। खंभे हटाने के लिए पुलिस बिजली विभाग को चिट्ठी लिख रही है। इसके बाद सड़क चौड़ी होगी और इसे नो-पार्किंग जोन घोषित कर दिया जाएगा। यही नहीं, कुछ जगह नालियां भी बंद की जाएंगी, ताकि बसों के रास्ते में रुकावट न अाए। इधर, ट्रायल के दौरान रायपुर एसपी प्रशांत अग्रवाल ने रिंग रोड-1 व 2 का निरीक्षण किया और हीरापुर-भनपुरी के बीच सड़कों पर पार्क ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करवा दी।

टाटीबंध में फ्लाईओवर निर्माण के कारण फंसती रहीं ट्रायल बसें

भाठागांव से टाटीबंध की दूरी लगभग 7 किलोमीटर है। नए टर्मिनल से छूटी बसें भाठागांव ब्रिज के नीचे से सर्विस रोड पर पहुंची और वहां से सीधे रिंग रोड-1 पर आ गईं। इस दौरान बसों के रास्ते में कोई दिक्कत नहीं अाई। लेकिन सारी बसें टाटीबंध चौक पर जाकर फंसती गईं। वहां फ्लाईओवर निर्माण चल रहा है, इस वजह से दिनभर जाम रहता है।

अफसरों के मुताबिक बसों को 7 किमी के इस पैच में दिक्कत केवल टाटीबंध चौक के आसपास ही हुई। यह परीक्षण इसलिए हुआ था, क्योंकि रायपुर से दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव, धमधा समेत कई दिशाओं की बसें इसी चौराहे से होकर गुजरती हैं। टाटीबंध की ओर रवाना की गई अधिकांश बसों को 5 से 8 मिनट का अतिरिक्त समय इसी चौराहे पर लगा।

ऐसा रहेगा नए टर्मिनल का रूट

  • बिलासपुर-कवर्धा रूट से आने वाली बसें सिलतरा से भनपुरी तिराहा, रिंग रोड-2, टाटीबंध, सरोना होते हुए भाठागांव आएगी।
  • बलौदबाजार-बिलाईगढ़ की बसें विधानसभा ओवरब्रिज से रिंग रोड-3, मंदिरहसौद, जोरा, तेलीबांधा चौक से भाठागांव जाएंगी।
  • ओडिशा-महासमुंद की बसें तेलीबांधा तक आएंगी, यहां से रिंग रोड-1 से होती हुई सीधे भाठागांव बस टर्मिनल तक पहुंचेंगी।
  • बस्तर-धमतरी से आने वाली बसें पचपेड़ीनाका से सर्विस रोड पर लेफ्ट टर्न लेकर रिंग रोड-1 पर पहुंचेंगी और भाठागांव जाएंगी।

ट्रायल के दौरान छोटी-मोटी दिक्कतें आई है, जिसे जल्द दूर कर लिया जाएगा। नया टर्मिनल बसों के लिए पूरी तरह तैयार है।-सौरभ कुमार, कलेक्टर

नए टर्मिनल से बसों का अलग-अलग रूट पर ट्रायल हुआ, जो सफल रहा है। जल्द ही बसों को भाठागांव शिफ्ट कर देंगे।- प्रशांत अग्रवाल, एसपी

By Desk

Leave a Reply Cancel reply