कचरे की गाड़ी में गणेश प्रतिमाएं: निगम कचरे की गाड़ी में भरकर लाए और महादेव घाट कुंड में फेक दिया, 2 कर्मचारियों को किया निष्काषित

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रायपुर| राजधानी रायपुर में भगवान गणेश की प्रतिमाओं को निगम कर्मचारी गाड़ी में भरकर लाया गया और कुंड में फेंक दिया गया| सोशल मीडिया पर प्रतिमा विसर्जन के कुछ वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं। नगर निगम की कचरा गाड़ी में भगवान की प्रतिमाओं को लाया गया है। कुछ कर्मचारी विसर्जन कुंड में प्रतिमाओं को फेंक रहे हैं। अब सोशल मीडिया पर नगर निगम की व्यवस्था के साथ-साथ उन आम लोगों पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, जिन्होंने प्रतिमाओं को निगम के भरोसे छोड़ दिया। शाम के समय पहले यहां नाराज पार्षद पहुंचे और बाद में महापौर व्यवस्था सुधारने का आश्वासन देते रहे। नाराज लोगों ने महापौर के सामने नारेबाजी भी की।

वीडियो और तस्वीरों की पड़ताल करने पर इस बात की पुष्टि हुई कि कुछ लोगों ने इन्हें महादेव घाट पर ही मोबाइल के कैमरे पर रिकॉर्ड किया। 19 सितंबर को शहर के अलग-अलग इलाकों से छोटी प्रतिमाओं को नगर निगम की कचरा गाड़ी में महादेव घाट में बने अस्थायी कुंड में लाया गया। शाम के वक्त एक ट्रक में भी प्रतिमाएं लाई गईं, जिन्हें कर्मचारी करीब 10 फीट की दूरी से ट्रक में चढ़कर सीधे नदी में फेंक रहे थे।

जब सम्मान नहीं कर सकते तो जिम्मेदारी न लें

इस मामले में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने कहा कि जब नगर निगम इस तरह की व्यवस्था ठीक ढंग से संचालित नहीं कर सकता तो उसे जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए। लोग जिन्होंने 10 दिनों तक भगवान की पूजा अपने घरों में की वह खुद विसर्जन कर लेते। नगर निगम ने लोगों को व्यवस्था दी। इसी वजह से भरोसा करते हुए लोगों ने अपनी प्रतिमाएं नगर निगम के अस्थाई कुंड के पास छोड़ दी। नगर निगम के मुखिया भी इस बात पर जोर नहीं देते कि विसर्जन की व्यवस्था ठीक ढंग से संचालित हो। विसर्जन की कोई निगरानी भी नहीं की जा रही है। प्रतिमाओं का ऐसा अनादर देखकर आमजन का कहना है कि हमें बेहद दुख हुआ है। इस व्यवस्था को जल्द से जल्द दूर किया जाना चाहिए।

5 हजार से ज्यादा प्रतिमाओं का विसर्जन

नगर निगम ने रायपुर के महादेव घाट के तट पर अस्थायी कुंड बनाया है। रविवार को दिनभर में 5 हजार से अधिक छोटी मूर्तियां विसर्जित की गई। 117 बड़ी मूर्तियां विसर्जित की गई। गुढ़ियारी के मच्छी तालाब में भी अस्थाई विसर्जन कुंड बनाया गया था यहां 126 छोटी मूर्तियां विसर्जित की गईं। रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने गाइडलाइन जारी की थी जिसमें कहा गया था कि दिन ढलने के बाद विसर्जन नहीं हो सकेगा। रविवार को देर शाम तक विसर्जन की प्रक्रिया पूरी होती रही। डीजे, धुमाल लगाने के 200 वाट के साउंड सिस्टम के नियम का भी कहीं पालन नहीं किया गया।

भाजपा ने विसर्जन स्थल पर जाकर किया विरोध

नगर निगम रायपुर नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के पार्षद मृत्युंजय दुबे प्रमिताओं के अपमान की खबर पाकर 20 सितंबर की शाम महादेव घाट अस्थाई कुंड पहुंचे। पार्षद बेहद नाराज थे। कुछ भाजपा कार्यकर्ता भी यहां पहुंचकर नाराजगी जाहिर करते दिखे। यहां सभी ने नगर निगम के कर्मचारियों से साफ लहजे में कह दिया कि विसर्जन के दौरान प्रतिमा का किसी भी प्रकार से अपमान नहीं होना चाहिए। प्रतिमाओं को असंवेदनशील ढंग से फेंके जाने को लेकर मौके पर तैनात निगम कर्मियों ने पार्षदों से माफी मांगी और भरोसा दिलाया कि इस तरह की घटना दोबारा नहीं होगी। ये बातें भी सामने आईं कि कुछ कर्मचारी शराब के नशे में आकर यहां विसर्जन का काम कर रहे हैं। फौरन ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें ड्यूटी से हटाए जाने के निर्देश दिए गए। हंगामे के आसार को देखते हुए पुलिस अफसर भी मौके पर पहुंचे और हालात को काबू में किया।

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