कांकेर| छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की प्राइवेट स्कूल में छात्र की चोटी को लेकर 21 अक्टूबर को जबरदस्त विवाद हुआ। स्कूल के प्रिंसिपल ने एक छात्र को चोटी काट कर आने को कहा। लेकिन छात्र ने चोटी नहीं काटी। उसने प्रिंसिपल से कहा कि, यह हमारे हिंदू धर्म का प्रतीक है। आरोप है कि छात्र के जवाब से बौखलाए प्रिंसिपल ने छात्र को स्कूल से ही बाहर निकाल दिया। इस मामले की जानकारी छात्र के परिजन व भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को लगी। जिसके बाद दिनभर स्कूल में बवाल चलता रहा। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने प्रिंसिपल के चेंबर में घुसकर भगवा झंडा भी लगा दिया।

दरअसल यह मामला कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के सेंट जोसफ स्कूल का है। स्कूल में कक्षा 10वीं में पढ़ने वाले छात्र अंश तिवारी के परिजनों का आरोप है कि, उनके बेटे को पिछले 2 दिनों से स्कूल में घुसने नहीं दिया जा रहा है। प्रिंसिपल जोमोन पीटी से जब उन्होंने बात की तो उन्होंने कहा पहले चोटी कटवा कर आइए फिर स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। छात्र ने बताया कि, स्कूल में चोटी को लेकर लगातार टॉर्चर किया जा रहा था। वहीं इस मामले की जानकारी मिलते ही परिजनों के साथ भारी संख्या में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी स्कूल पहुंच गए। वहीं स्कूल में जय जय श्री राम के नारे भी लगाए गए।

स्कूल में हिंदू रीति रिवाजों का अपमान- राजा

जिला अध्यक्ष राजा पांडे ने कहा कि, छात्र अंश के परिजनों ने इस मामले की जानकारी दी थी। जिसके बाद हम स्कूल पहुंचे। लगातार 7-8 बार इस स्कूल की शिकायत मिली है। इस स्कूल में हिन्दू देवी-देवताओं के ऊपर टिप्पणी की जाती है। छोटे-छोटे बच्चों को मानसिक रूप से हिन्दू संस्कृति के खिलाफ लगातार धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया जा रहा है। हिंदू बच्चों की भावनाओं से लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। भाजपा धर्मांतरण के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रही है।

पत्रकारों के सवालों पर चेंबर छोड़ भागे प्रिंसिपल

इधर इस मामले को लेकर जब पत्रकारों ने स्कूल के प्रिंसिपल से बात करनी चाहिए तो वे चेंबर छोड़कर भाग निकले। गाड़ी में बैठने तक पत्रकारों ने उनसे लगातार सवाल किया कि आखिर मुद्दा क्या है? पत्रकारों के सवालों से बचते हुए प्रिंसिपल गाड़ी में बैठे और स्कूल से निकल गए।

SDM ने कहा- शांत हो गया है मामला

भानुप्रतापपुर SDM जितेंद्र यादव ने कहा कि, यह एक प्राइवेट स्कूल से जुड़ा हुआ मामला है। यहां किसी मुद्दे को लेकर बच्चे को स्कूल से निकाला गया था। इस मामले को लेकर परिजन और बाकी समाज के लोग मिलने आए थे। स्कूल प्रबंधन के बीच सहमति बनी है कि आगे से कुछ भी इस तरह के मामले सामने आएंगे तो परिजनों को सूचना दी जाएगी। ऐसे मामलों को दोहराया जाएगा तो स्कूल प्रबंधन पर कार्यवाही होगी। स्कूल प्रबंधन की तरफ से भी आश्वासन मिला है कि दोबारा इसकी कोई शिकायत नहीं मिलेगी।

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