छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने स्कूलों में मिड डे मील बनाने वाले रसोइयों का मानदेय 300 रुपए महीना बढ़ा दिया है। अब उन्हें 1200 रुपए की जगह 1500 रुपए हर महीने मिला करेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके लिए अपनी सहमति दे दी है। हांलाकि, रसोइयों की मांग अभी भी अधूरी है।

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मध्यान भोजन योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोईयों को अब 1500 रुपए प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए सहमति दे दी है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मंत्रालय से जारी आदेशानुसार यह स्वीकृति वित्त विभाग के द्वारा दी गई सहमति और राज्य स्तरीय संचालन सह मॉनिटरिंग समिति की बैठक के अनुसार दी गई है।

बताया जा रहा है कि इस वृद्धि से करीब 80 हजार रसोइयों को फायदा पहुंचेगा। रसोइया संघ के मुताबिक यह वृद्धि अभी भी अधूरी है। उनका कहना है कि वे लोग वर्षों से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि उनका मानदेय कलेक्टर दर से कम से कम 256 रुपए प्रतिदिन के मान से बनना चाहिए। सरकार ने इस ओर अभी कोई कदम नहीं उठाया है।

रोजाना के केवल 40 रुपए मिलते थे

रसोइयों का कहना है कि मिड डे मील बनाने और बर्तन साफ करने आदि में उनको राेजाना 5 से 6 घंटे लग जाते हैं। यह पूरे दिन भर के काम जैसा है। इसके बाद भी उन लोगों को 40 रुपए प्रतिदिन की दर से मानदेय दिया जाता रहा है। यह नाकाफी है। रसोइयों का संगठन 256 रुपए प्रतिदिन की दर से मानदेय के लिए कई बार आंदोलन कर चुका है।

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