अमेरिका के कंसास जिले की अदालत ने यूनाइटेड नेशन ऑफ इस्लाम ‘पंथ’ के आठ सदस्यों को 8 साल से भी कम उम्र के नाबालिगों से जबरन काम कराने और उनका शोषण करने के मामले में आरोपित करार दिया है। मंगलवार 26 अक्टूबर को संघीय अभियोजकों ने कंसास स्थित इस्लामिक संगठन से जुड़े इन आठ सदस्यों पर देश भर के व्यवसायों को बिना वेतन के चाइल्ड लेबर मुहैया कराने की साजिश रचने और वर्षों तक उनका शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया।

16 घंटे तक कराते थे जबरन काम

25 अक्टूबर को आठ सदस्यों को हिरासत में लेने के बाद 20 पन्नों के अभियोग को सार्वजनिक किया गया। इसके मुताबिक, यूनाइटेड नेशन ऑफ इस्लाम के लोगों ने बच्चों को उनके माता-पिता से अलग किया और उन्हें बेहद बुरे हालात में छिपा कर रखा। इन बच्चों को बिना मजदूरी दिए 16 घंटे तक काम करने के लिए मजबूर किया। अभियोजन पक्ष का कहना है कि इन बच्चों को इलाज से भी वंचित रखा गया। कुछ बच्चों को इस्लामिक संगठन द्वारा संचालित व्यवसायों में काम करने के लिए मजबूर किया गया और बाकियों को न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, ओहियो, मैरीलैंड, जॉर्जिया और उत्तरी कैरोलिना जैसे दूसरे राज्यों में काम के लिए भेजा गया।

जिनके खिलाफ आरोप तय किए गए हैं, उनमें काबा मजीद, यूनुस रसूल, जेम्स स्टेटन, रैंडोल्फ रॉडनी हैडली, डाना पीच, एटेनिया किनार्ड और जैकलीन ग्रीनवेल शामिल हैं। सभी को 25 अक्टूबर 2021 को विभिन्न शहरों से गिरफ्तार किया गया था। बच्चों के खाने-पीने, कपड़े पहनने, पढ़ने तक पर संगठन के नेताओं का दखल था।

कंसास सिटी में UNOI का मुख्यालय (साभार: फॉक्स न्यूज)
अवैतनिक श्रम ‘अल्लाह के प्रति कर्तव्य’
नाबालिगों को यह बताया गया था कि बिना वेतन के काम करना ‘अल्लाह के प्रति अपने कर्तव्य को पूरा’ करना है। बच्चों को उनकी उम्र के बारे में झूठ बोलने के लिए कहा गया था। इसके अलावा, बच्चों को दिन में दो बार खाना मिलता था। वहीं, युवा लड़कियों को अपना वजन मेनटेन करने के लिए निर्देश दिए गए थे।

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